मकर संक्रांति पर जाताखूंटी आदिवासी टोला में परंपरागत बेझा तुय का भव्य आयोजन

जाताखूंटी मुखिया प्रतिनिधि के नेतृत्व में बेझा तुय कार्यक्रम का आयोजन
टुण्डी प्रखंड के मनियांडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत जाताखूंटी आदिवासी टोला में मरांग वीर सेन्द्रा बेसी के बैनर तले बुधवार को पारंपरिक मरांग वीर संक्रांत सह दिशोम बेझा तुय कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के महिला-पुरुषों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के उपरांत जाताखूंटी मुखिया प्रतिनिधि शक्ति हेंब्रम ने बताया कि बेझा तुय आदिवासी समाज की एक महत्वपूर्ण परंपरा है, जो मकर संक्रांति के दिन संपन्न की जाती है। संथाल आदिवासी समाज में यह परंपरा पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही है, जो समाज की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करती है।
मान्यता के अनुसार, इसी दिन आदिवासी समाज वर्ष में एक बार पूरे समूह के साथ शिकार के लिए जाता है। शिकार से लौटने के बाद गांव के कुल्ही मूड़ा के समीप बेझा तुय का आयोजन किया जाता है।
बेझा तुय के दौरान तीर-धनुष से निशाना साधने की पारंपरिक प्रतियोगिता आयोजित की जाती है। जो प्रतियोगी निर्धारित बिन्दु पर सटीक निशाना लगाते हैं, उन्हें गांव के लोग विजेता मानते हैं तथा पारंपरिक रूप से सम्मानित भी करते हैं।
इस आयोजन में आदिवासी संस्कृति, परंपरा और सामूहिक एकता की सजीव झलक देखने को मिली, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि आदिवासी समाज आज भी अपनी सांस्कृतिक विरासत को पूरी मजबूती के साथ संजोए हुए है।














