क्या महिला व बाल कल्याण समिति की कमान अनीता पाटील के हाथों में?

मीरा-भाईंदर महानगरपालिका में अब निगाहें महिला व बाल कल्याण समिति के सभापति पद पर टिक गई हैं। 2 मार्च को नामांकन प्रक्रिया और 4 मार्च को प्रस्तावित चुनाव के साथ राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भले ही इस समिति का पद स्थायी समिति जितना प्रभावशाली नहीं माना जाता, लेकिन सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से इसकी भूमिका बेहद अहम है। महिला सशक्तिकरण, पोषण योजनाएं, आंगनवाड़ी, बाल सुरक्षा और अन्य कल्याणकारी योजनाओं की दिशा इसी समिति से तय होती है।
समिति में कुल 9 सदस्य हैं, जिनमें भाजपा की ओर से अनीता जयवंत पाटील, रुपाली शिंदे, सुषमा सोनार, जया दत्ता, स्नेहा पांडे, हेमा बेलानी और दीप्ति भट्ट शामिल हैं, जबकि कांग्रेस से शेख रुबीना फिरोज और रिझवाना अनवर खान सदस्य हैं। संख्याबल और मौजूदा राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए सत्ता पक्ष का पलड़ा भारी माना जा रहा है।
अंदरूनी चर्चाओं में जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा है, वह अनीता जयवंत पाटील का है। संगठन में सक्रिय भूमिका, नेतृत्व के साथ बेहतर तालमेल और महिला मुद्दों पर निरंतर सक्रियता के कारण उन्हें मजबूत दावेदार माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि इन कसौटियों पर उनका नाम सबसे आगे है।
हालांकि अन्य सदस्य भी अपने स्तर पर सक्रिय हैं और अंतिम क्षण तक समीकरण बदलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। लेकिन मौजूदा संकेत यही बताते हैं कि 2 मार्च की नामांकन प्रक्रिया के बाद तस्वीर और साफ होगी। यदि 4 मार्च की बैठक में सर्वसम्मति बनती है, तो अनीता जयवंत पाटील के नाम पर मुहर लग सकती है।
अब देखना यह होगा कि क्या पार्टी नेतृत्व अंतिम समय में कोई चौंकाने वाला फैसला करता है या फिर पूर्व निर्धारित रणनीति के तहत अनीता पाटील को महिला व बाल कल्याण समिति की नई सभापति बनाया जाता है। फिलहाल राजनीतिक गलियारों में सबसे प्रबल संभावना उनके नाम की ही मानी जा रही है।














