घाटोल में “मनरेगा बचाओ संग्राम जनआंदोलन” आयोजित, काम के अधिकार की रक्षा का संकल्प

घाटोल (डुगरगाम)। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर शुक्रवार को “मनरेगा बचाओ संग्राम जनआंदोलन” के तहत घाटोल विधानसभा क्षेत्र के डुगरगाम में एक विशाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन अहिंसा, संवैधानिक मूल्यों एवं काम के अधिकार की रक्षा के उद्देश्य से किया गया।
कार्यक्रम घाटोल विधानसभा प्रभारी राकेश रेखराज मेवाड़ा एवं लोकप्रिय विधायक नानालाल निनामा के सान्निध्य में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में जिला प्रभारी एवं पूर्व प्रधान आशीष मेहता, अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष कालूराम, ब्लॉक प्रभारी गीता पटेल एवं लक्ष्मण सोलंकी की विशेष उपस्थिति रही। आयोजन देहात ब्लॉक कांग्रेस कमेटी घाटोल के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ।
मनरेगा गरीबों के सम्मानजनक जीवन का संवैधानिक अधिकार : राकेश मेवाड़ा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा प्रभारी राकेश रेखराज मेवाड़ा ने कहा कि मनरेगा केवल रोजगार देने की योजना नहीं है, बल्कि ग्रामीण गरीबों के सम्मानजनक जीवन का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र एवं राज्य सरकारें मनरेगा को कमजोर करने और धीरे-धीरे समाप्त करने की दिशा में कार्य कर रही हैं।
मेवाड़ा ने कहा कि 60:40 के अनुपात में योजना संचालन का प्रस्ताव अव्यावहारिक है, जिससे लाखों मनरेगा श्रमिकों की आजीविका प्रभावित होगी। उन्होंने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाना उसकी गांधी-विरोधी, गरीब-विरोधी और मजदूर-विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। कांग्रेस पार्टी योजनाओं के नाम बदलकर उनकी आत्मा समाप्त करने की किसी भी साजिश को सफल नहीं होने देगी।
उन्होंने मांग की कि मनरेगा संशोधन अधिनियम को तुरंत वापस लिया जाए, लंबित बकाया राशि का शीघ्र भुगतान किया जाए तथा मजदूरों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं, पंचायत प्रतिनिधियों और आमजन से आंदोलन को और अधिक मजबूत करने का आह्वान किया।
काम के अधिकार पर हमला बर्दाश्त नहीं : विधायक नानालाल निनामा
विधायक नानालाल निनामा ने कहा कि यह आंदोलन अहिंसा और संविधान की भावना के अनुरूप जनहित में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि काम के अधिकार को कमजोर करना सीधे तौर पर गरीब, श्रमिक और ग्रामीण वर्ग पर हमला है।
निनामा ने आरोप लगाया कि केंद्र एवं राज्य सरकार की नीतियों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचा है, जिसे कांग्रेस पार्टी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि मनरेगा जैसे कानूनों की रक्षा के लिए कांग्रेस सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।
भाजपा की नीतियों पर वक्ताओं ने जताया विरोध
कार्यक्रम में उपस्थित अनेक वक्ताओं ने भाजपा सरकार की मनरेगा-विरोधी नीतियों पर अपने विचार रखे और इसे गरीब विरोधी कदम बताया। सभी ने एक स्वर में मनरेगा को कमजोर करने के प्रयासों का विरोध किया।
बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि व कार्यकर्ता रहे मौजूद
कार्यक्रम में ब्लॉक अध्यक्ष अजीत मुगाणिया, जिला परिषद सदस्य गौतमपाल राणा, गोपाल सरकोटा, सोहनलाल निनामा, पभुलाल डुगरिया सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता, पंचायत प्रतिनिधि, पार्षदगण, मनरेगा मजदूर एवं आमजन उपस्थित रहे।
संघर्ष जारी रखने के संकल्प के साथ समापन
कार्यक्रम का समापन मनरेगा के अधिकारों की रक्षा, गरीब एवं मजदूर वर्ग के हितों के संरक्षण तथा जनविरोधी नीतियों के खिलाफ लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण संघर्ष को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ किया गया।













