बाली में चैत्य परी पाठी कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ संपन्न, पंचाहिक महोत्सव में उमड़ा जनसैलाब

चैत्य परी पाठी का कार्यक्रम बाली मे हर्षोल्लास के साथ समपनन हुआ
गोङवाङ की पावन धर बाली नगर के प्रथम आचार्य विश्व विख्यात परम पूज्य आचार्य भगवंत श्री विजय रत्नसेन सूरीश्वर जी (राजु माराज ) के समय जिवन के 50 वे साल मे प्रवेश निमिॅत्त पंचाहिक महोत्सव के शुभ अवसर पर आचार्य गुरूभंगवत रत्नसेन सूरीश्वर माराज.साहेब आदी ठाणा, साध्वी जी महाराज के संग पार्श्वनाथ चोक से सुबह 7:00 बजे बाली से सेसली पैदल यात्रा आरम्भ हुई।

ऊटो पर जैन ध्वजा, ढोल नगाङे, घोङो पर ध्वजा लिए हुऐ सवार थे ऊट गाङी, भगवान की रथे, साङेराव के बेङ, ढोल की मधुर ध्वनी के साथ यात्रा आगे बढ रही थी।
जैन दादावाङी के वहा सभी ने दर्शन किये पैदल चैत्य परी पाठी यात्रा आगे बढती बङी संख्या मे महानुभाव ने यात्रा मे भाग लिया, सभी सेसली 108 पार्श्वनाथ दादा के दर्शन किये गुरू भगवंतो के साथ सभी ने चैत्य वंदन किया।
तत्पश्चात सभी महानुभावो ने नवकारसी का लाभ लाया गुरूभंगवत का प्रवचन हुआ तत्पश्चात सुबह का स्वामीवात्सल्य हुआ सभी ने लाभ लिया।














