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बालोतरा में मंत्री जोराराम कुमावत की प्रेस वार्ता: ‘विकसित राजस्थान@2047’ के संकल्प पर सरकार प्रतिबद्ध

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DINESH LUNIYA
CHIEF EDITOR

"दिनेश लूनिया, एक अनुभवी पत्रकार और 'Luniya Times Media' के संस्थापक है। 2013 से पत्रकारिता के उस रास्ते पर चल रहे हैं जहाँ सत्य, जिम्मेदारी और राष्ट्रहित सर्वोपरि हैं।"

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बालोतरा। पशुपालन एवं डेयरी, गोपालन और देवस्थान मंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री जोराराम कुमावत ने गुरुवार को बालोतरा कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में राज्य सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों और भविष्य की विकास रणनीति पर विस्तार से जानकारी दी।

95% बजट कार्य पूर्ण, शेष शीघ्र पूरे होंगे

उन्होंने ने बताया कि भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में वर्ष 2024-25 और 2025-26 के बजट में घोषित लगभग 95 प्रतिशत कार्य सफलतापूर्वक पूरे कर लिए गए हैं। शेष 5 प्रतिशत कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाएगा, ताकि आमजन को योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके।

‘विकसित राजस्थान@2047’ की दिशा में बड़ा कदम

प्रेस वार्ता में मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि राज्य सरकार ‘विकसित राजस्थान@2047’ के संकल्प को साकार करने के लिए ठोस और दीर्घकालिक योजनाओं पर काम कर रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री द्वारा ‘मुख्यमंत्री विकसित शहरी एवं ग्राम वार्ड’ अभियान का शुभारंभ किया गया है, जो नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ विजन से प्रेरित है।

हर गांव के लिए बनेगा मास्टर प्लान

मंत्री जोराराम कुमावत ने बताया कि इस अभियान के तहत प्रदेश के प्रत्येक गांव और शहरी वार्ड के लिए वर्ष 2047 तक का एक व्यापक “मास्टर प्लान” तैयार किया जाएगा। इसमें स्थानीय जरूरतों और जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए सड़कों का सुदृढ़ीकरण, बिजली और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, खेल मैदान, आंगनवाड़ी केंद्र सहित सभी आवश्यक बुनियादी सुविधाओं का विकास सुनिश्चित किया जाएगा।

मंत्री जोराराम कुमावत
मंत्री जोराराम कुमावत

पलायन रोकने पर फोकस, गांवों को बनाया जाएगा आत्मनिर्भर

उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि गांवों से शहरों की ओर होने वाला पलायन रोका जा सके। इसके लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे, जिससे महिलाओं और युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिल सके।

रोजगार और विकास योजनाओं में बदलाव

प्रभारी मंत्री जोराराम कुमावत ने बताया कि ग्रामीण विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए रोजगार अवधि को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है। साथ ही अब कच्चे कार्यों की बजाय पक्के निर्माण कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे स्थायी और टिकाऊ विकास सुनिश्चित हो सके।

जल संरक्षण, भू-संरक्षण और कृषि आधारित कार्यों को भी योजनाओं में प्रमुखता दी गई है, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सके।

पारदर्शिता और सरलीकरण पर जोर

मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि योजनाओं के सरलीकरण और पारदर्शी क्रियान्वयन से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और विकास कार्यों में गति आएगी। सरकार का लक्ष्य है कि हर ग्रामीण को उसके घर के पास ही सम्मानजनक रोजगार और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हों।

प्रेस वार्ता के अंत में जोराराम कुमावत ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार विकास के एजेंडे पर पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है। ‘विकसित राजस्थान@2047’ का संकल्प केवल एक लक्ष्य नहीं, बल्कि प्रदेश के समग्र और सतत विकास की दिशा में एक मजबूत रोडमैप है, जिसे समयबद्ध और प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा।

न्यूज़ डेस्क

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