राजस्थान में मृतक भोज की जगह शान्ति यज्ञ का आयोजन, सामाजिक कुरीतियां के खिलाफ जांगिड़ (सायल) परिवार का अनुकरणीय प्रयास

आबूरोड – जीवन पर्यन्त मृतक भोज और सामाजिक कुरीतियां के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले अखिल भारतीय जांगिड़ ब्राह्मण महासभा के विशेष सम्पोषक सदस्य मोहनलाल शर्मा आबूरोड के बाहरवें पर न कोई पौराणिक पंडित था और न ही पौराणिक निर्थरक कर्म काण्ड परिवार के वरिष्ठ सदस्य और महासभा आध्यात्मिक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय प्रवक्ता घेवरचंद आर्य एवं आचार्य हनुमान जांगिड़ के ब्रह्मात्व में ईश्वर स्तुति प्रार्थना उपासना मंत्रों के बाद वैदिक विधि विधान से यज्ञ कर उपस्थित सभी सदस्यों से आहुतियां दिलवाकर दिवंगत को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। जिसमें श्यामलाल, सम्पत शर्मा और शैलेन्द्र शर्मा सपत्नीक मुख्य यजमान बने।
इस अवसर पर श्री आर्य ने कहां कि दिवंगत मोहनलाल जी जीवन पर्यन्त महासभा नियम उद्देश्य के तहत सामाजिक कुरीतियां और पौराणिक पंडितों के खिलाफ जन जागरण करते रहे। जिसमें एक कुरीती मृतक भोज भी है। आज जांगिड़ (सायल) परिवार द्वारा उनके पदचिन्हों का अनुकरण करते हुए मौसर और न्यात की जगह केवल बहन बेटी को बुलाकर रस्म पगड़ी और शान्ति यज्ञ का यह जो आयोजन किया गया है वह जांगिड़ समाज के लिए एक अनुकरणीय पहल और सभी के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। इस अवसर पर परिवार के सदस्यों ने यज्ञोपवीत धारण कर यज्ञ की अग्नि के समक्ष उनके बताए श्रेष्ठ मार्ग पर चलने का संकल्प व्यक्त किया ।

इससे पूर्व आर्य की अध्यक्षता में भजन संध्या का आयोजन किया गया जिसमें जांगिड़ समाज के मारवाड़ के विख्यात भजन गायक श्याम सायल चाटेलाव, रामलाल कुलरिया भटिंडा एवं मांगीलाल आसदेव गाजणगढ ने आत्मा की नश्वरता और ईश्वर भक्ति के एक से बढ़कर एक भजनों का ऐसा समाबाधा की श्रोतागण भौर तक भावविभोर होकर सुनते रहे। जांगिड़ ब्राह्मण समाज के लिए यह एक ऐसा कार्यक्रम था जिसमें भजन संध्या से लेकर यज्ञ एवं कर्म काण्ड सब स्वजाति विद्वानों द्वारा सम्पन्न करवाया गया जिसकी सर्वत्र सराहना की जा रही है।
इस अवसर पर उदय कृष्ण, मंयक शर्मा, तुषार शर्मा, अनुप, दिनेश आबूरोड राजेश कुमार रमेश कुमार भंवरलाल पियूष सायल केरला, रामलाल सोम प्रसाद सायल गाजणगढ, प्रभू राम, विजयराज, नारायणलाल, सोहनलाल सांड चोटीला, नारायणलाल, राजूराम जोपिग गिरादडा की ढाणी, घीसाराम मणीहारी, जसराज किंजा डिगाई, सुरजमल बिलावास, मोहनलाल धनला, ताराचंद वरकाणा, इन्द्र प्रकाश पाली, प्रेमचन्द महेश नगर, श्रवणलाल मंडली, भंवरलाल आसदेव गाजणगढ, पप्पूराम बाण्डाई, आनन्द शर्मा पाली तथा मातृशक्ति के रूप में मुथरादेवी, जशोदादेवी, सुमन शर्मा, रीता शर्मा, सुनीता शर्मा, प्यारीदेवी, सीतादेवी, अमृता, शशी, शान्ति, उगिया सहित कई जने मौजूद रहे।












