राज्यपाल ने तीर्थंकरों की परंपरा का किया उल्लेख, विकार त्याग कर आत्मोन्नति का किया आह्वान

महेश पूरी
विश्व नवकार महामंत्र दिवस समारोह
नवकार महामंत्र प्राचीनतम पावन मंत्र, अहिंसा-अपरिग्रह-अनेकांतवाद पर आधारितकृसमाज में शांति-समृद्धि का संदेशः राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागड़े
भीलवाड़ा, 09 अप्रैल। “नवकार महामंत्र किसी एक व्यक्ति विशेष की स्तुति नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति में रची-बसी आत्मशुद्धि, आस्था एवं साधना का प्रतीक है। यह मानव को भीतर से सशक्त बनाकर उसे उच्चतर जीवन मूल्यों की ओर अग्रसर करता है।”
यह विचार राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागड़े ने गुरुवार को जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन द्वारा मेडिसिटी ग्राउण्ड, भीलवाड़ा में आयोजित विश्व नवकार महामंत्र दिवस समारोह को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
उन्होंने इस दौरान कहा कि नवकार महामंत्र विश्व के प्राचीनतम एवं पावन मंत्रों में से एक है, जो अहिंसा, अपरिग्रह एवं अनेकांतवाद जैसे सिद्धांतों पर आधारित है। यह मंत्र न केवल आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है, बल्कि समाज में शांति, समृद्धि एवं सुरक्षा का भी संदेश देता है। वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में इसकी प्रासंगिकता और भी अधिक बढ़ गई है।
राज्यपाल श्री बागड़े ने जैन धर्म की महान परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि तीर्थंकरों ने क्रोध, मोह एवं द्वेष जैसे आंतरिक शत्रुओं पर विजय प्राप्त कर आत्मज्ञान एवं मोक्ष का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने आह्वान किया कि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में इन विकारों का त्याग कर आत्मोन्नति की दिशा में अग्रसर हो।

कार्यक्रम में मंच पर श्री गौतम दक राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सहकारिता विभाग, सांसद श्री दामोदर अग्रवाल, श्री अशोक कोठारी विधायक श्री अशोक कोठारी, वाईस चेयरमैन जीतो अपेक्स श्री महावीर सिंह चौधरी,चेयरमैन जीतो भीलवाड़ा श्री मीठालाल सिंघवी भीलवाडा, संरक्षक जीतो भीलवाडा श्री त्रिलोक चन्द छाबडा मौजूद रहें।
कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री श्री गौतम दक ने कहा कि वर्तमान समय में विश्व के विभिन्न हिस्सों में चल रहे संघर्ष एवं युद्ध मानवता के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। ऐसे परिदृश्य में भगवान महावीर द्वारा दिया गया “जियो और जीने दो” का संदेश अत्यंत प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि अहिंसा ही विश्व शांति का एकमात्र मार्ग है और इसे हमें अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए।
उन्होंने अपरिग्रह के सिद्धांत पर बल देते हुए कहा कि समाज में बढ़ती दिखावे की प्रवृत्ति को नियंत्रित करते हुए हमें जरूरतमंदों के उत्थान के लिए कार्य करना चाहिए। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि इस पावन अवसर पर समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्तियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का संकल्प लें।
सांसद श्री दामोदर अग्रवाल ने कहा कि भारत की समृद्ध संस्कृति अहिंसा, सद्भावना एवं विश्व कल्याण के मूल्यों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि हमारी परंपराओं में निहित संदेशकृ“धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो, प्राणियों में सद्भावना हो, विश्व का कल्याण हो”कृमानवता के उत्थान का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
विधायक श्री अशोक कोठारी ने अपने संबोधन में जैन दर्शन के अनुमोदना सिद्धांत की व्याख्या करते हुए कहा कि जिन आदर्शों के प्रति श्रद्धा होती है, उनका अनुसरण स्वाभाविक रूप से होता है। उन्होंने कहा कि नवकार महामंत्र के नियमित जाप से मन एवं हृदय की शुद्धि होती है तथा व्यक्ति मोक्ष के मार्ग की ओर अग्रसर होता है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनसमूह द्वारा नवकार महामंत्र का सामूहिक जाप किया गया, जिससे सम्पूर्ण वातावरण भक्तिमय एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो गया। हजारों श्रद्धालुओं ने एक स्वर में मंत्रोच्चार कर विश्व शांति एवं मानव कल्याण की कामना की।
समारोह में माण्डलगढ विधायक गोपाल लाल लाल ,सहाड़ा विधायक लादुलाल पितलिया, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री प्रशांत मेवाडा सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी, विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी, जैन समाज के वरिष्ठजन एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। हेलीपैड पहुँचने जिला कलक्टर श्री जसमीत सिंह संधू एवं पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द सिंह यादव ने बुके देकर स्वागत अभिनंदन किया। आयोजन के सफल संचालन हेतु आयोजक संस्था द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया गया।











