संघ शताब्दी वर्ष पर भव्य हिंदू सम्मेलन सम्पन्न, समरसता और स्वदेशी पर दिया गया जोर

नोहर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में नोहर नगर में भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह सम्मेलन दुर्गा बस्ती, श्याम नगर की गली नंबर 3 में उत्साह और गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुषों की सहभागिता रही।
इस हिंदू सम्मेलन के मुख्य अतिथि भारतमाता आश्रम के महंत रामनाथ अवधूत रहे, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में धर्मजागरण के जिला संयोजक श्री रामस्वरूप कामड़ उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता बजरंग लाल सुथार ने की। महिला प्रबोधन के अंतर्गत श्रीमती कल्पना शेखावत ने विचार रखे।
सम्मेलन का शुभारंभ अतिथियों द्वारा भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं शंखनाद के साथ किया गया। कार्यक्रम संयोजक बजरंग सुथार ने ‘हिंदू सम्मेलन की आवश्यकता’ विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए समाज को संगठित रहने और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

मुख्य अतिथि महंत रामनाथ अवधूत ने अपने उद्बोधन में सामाजिक समरसता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि प्राचीन भारत में जाति-पांति का भेद नहीं था, बल्कि समाज की पहचान कर्म के आधार पर होती थी। उन्होंने कहा कि सभी सनातनी इस भूमि के पुत्र हैं और आपस में भाई-भाई हैं। राष्ट्र को सशक्त और बलशाली बनाने के लिए समाज में एकता आवश्यक है।
मुख्य वक्ता रामस्वरूप कामड़ ने ओजस्वी वाणी में संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक हिंदू को भारतीय संविधान का पालन करते हुए स्वदेशी को अपनाना चाहिए। उन्होंने स्वभाषा, स्वचिकित्सा पद्धति, स्वधर्म और स्ववेशभूषा को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। साथ ही संयुक्त परिवार प्रथा को पुनः अपनाने पर भी बल दिया।
महिला प्रबोधन के दौरान कल्पना शेखावत ने कहा कि परिवार की रीढ़ महिला होती है। महिलाओं को चाहिए कि वे अपने बच्चों में भारतीय संस्कृति और संस्कारों के मूल्यों का समावेश करें। उन्होंने भारतीय संस्कृति के उज्ज्वल पक्ष को नियमित रूप से संतानों तक पहुंचाने तथा रामचरितमानस के अध्ययन की भी सलाह दी।
कार्यक्रम में रमेश पारीक, मेघ सिंह राठौड़, वैद्य सतपाल शर्मा, अभिषेक पारीक, शैलेंद्र वर्मा, राजकुमार महर्षि, पवन कुमार इंदोरिया, दशरथ गौड़, मनोज कुमार दाधीच, सुरेंद्र गालड़, प्रशांत महर्षि, गोपाल राम, गीतेश पारीक, संदीप सहू, जीवन माचरा, रामनिवास सुथार, विजेंद्र शर्मा, राधेश्याम मीणा, राजेंद्र कालवा सहित सैकड़ों की संख्या में महिला एवं पुरुष उपस्थित रहे।
भारत माता की आरती के साथ हिंदू सम्मेलन का समापन हुआ। सम्मेलन के संपूर्ण कार्यक्रम का भव्य एवं अनुशासित संचालन सहसंयोजक हरीश चंद्र शर्मा द्वारा किया गया।













