सादड़ी: महाराणा प्रताप के जीवन से प्रेरणा लेकर ‘राष्ट्र प्रथम’ भाव से कार्य करें — विजयसिंह माली



महाराणा प्रताप के जीवन से प्रेरणा लेकर ‘राष्ट्र प्रथम’ भाव से कार्य करें
राज्यारोहण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बोले अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी विजयसिंह माली
सादड़ी, 28 फरवरी।
वीर शिरोमणि देशभक्ति और मातृभूमि के प्रति अटूट अनुराग रखने वाले स्वतंत्रता प्रिय शासक थे। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर सभी को ‘राष्ट्र प्रथम’ के भाव से कार्य करना चाहिए। ये उद्गार अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी देसूरी ने स्थानीय राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय बारली सादड़ी में आयोजित महाराणा प्रताप राज्यारोहण दिवस कार्यक्रम में व्यक्त किए।
माली ने अपने संबोधन में कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन संघर्ष, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने विद्यार्थियों को हल्दीघाटी युद्ध और दिवेर युद्ध के ऐतिहासिक महत्व की जानकारी देते हुए उनसे प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में वक्ता सुमन सोनी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए महाराणा प्रताप को मानवीय मूल्यों का संवाहक बताया और कहा कि उनका व्यक्तित्व आज भी युवाओं के लिए मार्गदर्शक है।
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पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम की शुरुआत में विजयसिंह माली, स्टाफ सदस्यों एवं विद्यार्थियों ने महाराणा प्रताप की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
इस अवसर पर महिपाल, ओमप्रकाश प्रजापत, अंतिमा, प्यारी कुमारी, रायसिंह लोधा
सहित समस्त स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
इससे पूर्व माली ने सेठ फुटरमल हिम्मतमल बाफना राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (इंग्लिश मीडियम) सादड़ी में आयोजित प्रार्थना सभा को भी संबोधित किया और महाराणा प्रताप के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस अवसर पर संस्था प्रधान इंदुबाला ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में युवराज गौड़, पूनम कुंवर, गिरधारीलाल रैगर सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
महाराणा प्रताप का राज्याभिषेक 28 फरवरी 1572 को गोगूंदा में हुआ था।
शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार इस वर्ष राज्यारोहण दिवस प्रदेश के प्रत्येक विद्यालय में मनाया जा रहा है।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और कर्तव्यनिष्ठा के संस्कार विकसित करने पर जोर दिया गया।











