सिरोही में समीक्षा बैठक: प्रभारी मंत्री के.के. विश्नोई ने दिए सख्त निर्देश, योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर

सिरोही। उद्योग एवं वाणिज्य राज्य मंत्री तथा जिला प्रभारी मंत्री के.के. विश्नोई की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला परिषद सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विकास कार्यों और बजट घोषणाओं की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन के स्पष्ट निर्देश दिए गए।
योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर
प्रभारी मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि सभी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सरकार की मंशा के अनुरूप कार्य करते हुए आमजन को राहत पहुंचाने में कोई कमी न रखें।
उन्होंने विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि केवल योजनाओं की घोषणा पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना आवश्यक है।
बजट घोषणाओं और प्रमुख योजनाओं की विस्तृत समीक्षा
बैठक में वर्ष 2024-25, 2025-26 एवं 2026-27 की बजट घोषणाओं की प्रगति, भूमि आवंटन, पंच गौरव कार्यक्रम, वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP), टीएसपी क्षेत्र की योजनाएं, संपर्क पोर्टल पर प्राप्त शिकायतें, नागरिक सेवाओं में विलंब, लंबित प्रकरण, राज्य स्तर के मुद्दों तथा फ्लैगशिप योजनाओं की समीक्षा की गई।
इसके साथ ही नमो नर्सरी, ‘राइजिंग राजस्थान’ के तहत हुए एमओयू, एलपीजी वितरण व्यवस्था तथा जिला स्तरीय विशेष मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
ग्रीष्मकालीन जल प्रबंधन पर विशेष फोकस
आगामी गर्मी को ध्यान में रखते हुए जलापूर्ति व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया। प्रभारी मंत्री ने समर कंटीजेंसी प्लान के तहत सुचारू पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने, जल संकट वाले क्षेत्रों की नियमित मॉनिटरिंग करने और वैकल्पिक संसाधनों की व्यवस्था समय रहते करने के निर्देश दिए।
एलपीजी आपूर्ति और मॉनिटरिंग पर निर्देश
बैठक में जिले में एलपीजी की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ प्रभावी मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
‘विजन 2047’ के अनुरूप कार्य करने की अपील
प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को ‘विजन 2047’ के अनुरूप कार्य करते हुए जनसामान्य से जुड़े मुद्दों का त्वरित, संवेदनशील और प्रभावी समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्यशैली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
जनप्रतिनिधियों ने भी रखे सुझाव
बैठक में सांसद लुम्बाराम चौधरी ने कहा कि जिन बजट घोषणाओं का क्रियान्वयन उच्च स्तर पर लंबित है, उनमें संबंधित अधिकारी जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य को आगे बढ़ाएं, ताकि आमजन को शीघ्र लाभ मिल सके।
जिला प्रमुख अर्जुनराम पुरोहित ने भी क्षेत्रीय समस्याओं और लंबित कार्यों का मुद्दा उठाते हुए त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता बताई।
प्रशासनिक प्रस्तुति और उपस्थिति
जिला कलेक्टर अल्पा चौधरी ने बजट घोषणाओं की प्रगति, भूमि आवंटन, अधिग्रहण प्रक्रिया एवं तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। प्रभारी मंत्री ने लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर उनके शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए।
बैठक में पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह, डीएफओ अजित उचोई, अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ. राजेश गोयल, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रकाश चंद अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में स्पष्ट संदेश दिया गया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी क्रियान्वयन के माध्यम से ही बजट घोषणाओं को धरातल पर उतारते हुए आमजन को वास्तविक लाभ पहुंचाया जाएगा।













