भगवा रंग में रंगा गुरलां: ऐतिहासिक हिंदू सम्मेलन में उमड़ा श्रद्धा और एकता का सैलाब | Bhilwara Hindu Sammelan

भगवा रंग में रंगा गुरलां, हिंदू सम्मेलन में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
कलश यात्रा, शोभायात्रा, अखाड़ा प्रदर्शन और धर्म सभा में दिखी हिंदू एकता
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सत्यनारायण सेन गुरला।
भीलवाड़ा जिले के गुरला खण्ड में सनातन परंपरा, सांस्कृतिक स्वाभिमान और राष्ट्रबोध के जयघोष के साथ रविवार को कस्बा पूरी तरह भगवा चेतना से सराबोर नजर आया।
संगठित हिंदू, सक्षम भारत के संकल्प को केंद्र में रखते हुए सकल हिंदू समाज के तत्वावधान में आयोजित ऐतिहासिक हिंदू सम्मेलन में समाज की एकजुट शक्ति का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला।
सम्मेलन का शुभारंभ रामदेव मंदिर से महिलाओं द्वारा निकाली गई भव्य कलश शोभायात्रा के साथ हुआ।
शोभायात्रा बाजार, जैन मंदिर, बड़े मंदिर, सदा बहार महादेव मंदिर, बस स्टैंड और पंचायत भवन सहित विभिन्न मार्गों से होती हुई मालियों का नोहरे पहुंची।
डीजे की गूंजती धुनों के बीच हाथों में भगवा ध्वज लिए युवाओं की टोली और कलश धारण कर आगे बढ़ती मातृशक्ति ने शोभायात्रा को आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की।
अखाड़ा प्रदर्शन ने उपस्थित जनसमूह को अपनी कला से अभिभूत कर दिया। संघ के युवा अनुशासित व्यवस्था के साथ शोभायात्रा में सक्रिय भूमिका निभाते नजर आए।


गगनभेदी जयघोष के साथ पूरा कस्बा जय श्री राम और हिंदू एकता के नारों से गुंजायमान हो उठा।
प्रमुख मार्गों पर पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा में सहभागी हिंदू समाज, मातृशक्ति और युवाशक्ति का स्वागत किया गया।
गुरला मंडल क्षेत्र के मोमी, लावडा का बाड़ा, रगसपुरिया, सोपुरा, कानपुरा, गोवलिया और दांता का खेड़ा से भी बड़ी संख्या में महिलाएं शोभायात्रा के रूप में सम्मेलन स्थल पर पहुंचीं।
गुरलां वासियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर इस हिंदू सम्मेलन में सहभागिता निभाई और एकजुटता का परिचय दिया।
धर्मसभा में संतों का सान्निध्य
सम्मेलन स्थल पर आयोजित धर्मसभा में गुरला के टेकरी के बालाजी मंदिर के संत पूनित दास जी महाराज एवं कोटड़ी के संत लाल जी महाराज का सान्निध्य प्राप्त हुआ।
मुख्य वक्ता विश्व हिंदू परिषद के विभाग संगठन मंत्री विजय कुमार ओझा ने कहा कि भारत विश्व का एकमात्र राष्ट्र है जहां नारी को पूज्य माना गया है।
उन्होंने माताओं से आह्वान किया कि वे अपने बच्चों में श्रेष्ठ संस्कारों का निर्माण करें।
वक्ताओं ने जाति-पांति से ऊपर उठकर एकजुट रहने, हिंदू समाज को संगठित रखने और भारत के वीर सपूतों के बलिदान को स्मरण में रखने का संदेश दिया।
सम्मेलन की अध्यक्षता गोवर्धन प्रसाद दाधीच ने की। मातृशक्ति की अध्यक्षता प्रिया दाधीच ने करते हुए माताओं और बहनों से बच्चों को सनातन संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने का आह्वान किया।
धर्मसभा के दौरान गुरलां से अयोध्या गए कारसेवकों को सम्मानित किया गया।
हिंदू सम्मेलन में बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी हिंदू एकता का सशक्त संदेश दिया।
कार्यक्रम का संचालन मोहन प्रजापत ने किया। इस अवसर पर गुरला एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समापन पर भव्य भंडारे का आयोजन किया गया।













