भक्ति और उत्साह से गूंजा पालरा: सेन समाज की दो दिवसीय धार्मिक यात्रा संपन्न, 70 श्रद्धालुओं ने किए प्रमुख तीर्थों के दर्शन

सत्यनारायण सेन, गुरला | पालरा (रायपुर)
आस्था, उत्साह और सामूहिक एकता का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला जब पालरा के सेन समाज द्वारा आयोजित दो दिवसीय धार्मिक यात्रा सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस यात्रा में गांव के करीब 70 श्रद्धालुओं—महिलाओं, पुरुषों और बच्चों—ने भाग लेकर राजस्थान के प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन किए और भक्ति भाव से सराबोर होकर सुरक्षित अपने गांव लौटे।
रामदेवरा में उमड़ा आस्था का सैलाब
यात्रा का मुख्य केंद्र रहा रामदेवरा, जहां श्रद्धालुओं ने लोकदेवता बाबा रामदेव जी की समाधि पर मत्था टेककर सुख-समृद्धि की कामना की।
सांप्रदायिक सद्भाव के प्रतीक इस धाम में श्रद्धालुओं ने गहरी आस्था के साथ दर्शन किए।
इसके साथ ही यात्रियों ने उण्डू काश्मीर स्थित बाबा रामदेव जी के जन्मस्थल के भी दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
प्रमुख तीर्थ स्थलों पर पूजा-अर्चना
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने कई महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों का भ्रमण किया—
- श्री खेतलाजी धुनी धाम — विशेष पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया
- आशापुर माता मंदिर — माता रानी के दर्शन कर मनोकामनाएं मांगी
- ओम बन्ना मंदिर — ‘बुलेट बाबा’ के दरबार में श्रद्धालुओं ने मन्नतें मांगी
- राजाराम गौशाला — समाधि स्थल मंदिर के दर्शन और विभिन्न नस्ल की गायों का अवलोकन
- नाकोड़ा भैरव मंदिर — प्रसिद्ध जैन तीर्थ में शांति और समृद्धि की प्रार्थना
- रानी भटियाणी मंदिर — माता के दरबार में मत्था टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया

भजनों से गूंजा सफर, ‘जय बाबा री’ के नारों से भक्तिमय माहौल
पूरी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन और “जय बाबा री” के जयकारों के साथ माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बनाए रखा। हर पड़ाव पर श्रद्धालुओं में उत्साह और आस्था साफ दिखाई दी।
गांव लौटने पर भव्य स्वागत
जैसे ही सभी श्रद्धालु पालरा (रायपुर) लौटे, ग्रामीणों और समाज के लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया। पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल बन गया।
श्रद्धालुओं ने बताया कि इस यात्रा से उन्हें मानसिक शांति मिली और समाज में एकता, भाईचारा और सामूहिकता का संदेश भी मजबूत हुआ।
आयोजन की खास बातें
- सर्वसमावेशी भागीदारी: बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने हिस्सा लिया
- बेहतर व्यवस्थाएं: यात्रा के दौरान भोजन और ठहरने की उत्तम व्यवस्था
- विशेष दर्शन: रामदेवरा में राम सरोवर और डाली बाई की समाधि के भी दर्शन
पालरा के सेन समाज की यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपरा का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आई है।
ऐसे आयोजन न केवल आस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि समाज को एक सूत्र में बांधने का भी काम करते हैं।













