संविदा कर्मियों, पंचायत शिक्षकों व विद्यालय सहायकों को जनगणना 2026 में प्रगणक बनाने की मांग
बिलाड़ा/पीपाड़। भारत सरकार द्वारा वर्ष 2026 में प्रस्तावित जनगणना को लेकर क्षेत्र में प्रशासनिक तैयारियां शुरू हो गई हैं। पीपाड़ तहसील में जहां पंचायत शिक्षकों व संविदा कर्मियों को प्रगणक के रूप में नियुक्त किया गया है, वहीं बिलाड़ा तहसील में अब तक ऐसे कर्मियों को शामिल नहीं किए जाने पर असंतोष सामने आया है।
पंचायत शिक्षक एवं विद्यालय सहायक संघ बिलाड़ा के अध्यक्ष देवी सिंह देवल ने बताया कि पंचायत शिक्षक, विद्यालय सहायक एवं अन्य संविदा कर्मियों को भी जनगणना कार्य में प्रगणक बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन कर्मियों की नियुक्ति प्रारंभिक शिक्षा के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ पीईईओ क्षेत्र में विभिन्न गैर-शैक्षणिक कार्यों के लिए की गई है, जिनमें जनगणना, मिड-डे मील, बीएलओ एवं साक्षरता अभियान जैसे कार्य शामिल हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में करीब 31 हजार संविदा कर्मी शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं, जो लंबे समय से गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन वर्तमान स्थिति में कई शिक्षक इन कार्यों में लगे हुए हैं। ऐसे में जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में इनकी भागीदारी सुनिश्चित करना आवश्यक है।
संघ ने जिला कलेक्टर जोधपुर आलोक रंजन, जनगणना निदेशक विष्णु चरण मलिक, बिलाड़ा विधायक अर्जुन लाल गर्ग, पाली सांसद पी.पी. चौधरी, उपखंड अधिकारी बिलाड़ा मृदुला शेखावत एवं तहसीलदार बिलाड़ा से मांग की है कि पंचायत शिक्षकों व विद्यालय सहायकों को भी जनगणना 2026 में प्रगणक के रूप में नियुक्त किया जाए।













