ग्राहक बनकर आभूषण चोरी करने वाली महिला गैंग का पर्दाफाश, पाली पुलिस की बड़ी कार्रवाई में दो गिरफ्तार

लूनिया टाइम्स न्यूज संवाददाता भरत जीनगर
पाली। जिले में चोरी की बढ़ती वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन सजग” के तहत एक बड़ी सफलता सामने आई है। पाली पुलिस ने ग्राहक बनकर ज्वेलरी दुकानों में चोरी करने वाली एक महिला गैंग का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में चोरी किया गया लगभग पूरा माल भी बरामद कर लिया गया है। इस पूरी कार्रवाई में रानी थाना पुलिस की विशेष भूमिका रही।
यह मामला पाली जिले के रानी थाना क्षेत्र का है, जहां 24 मार्च 2026 को रानी बाजार स्थित एक ज्वेलर्स की दुकान पर तीन अज्ञात महिलाएं ग्राहक बनकर पहुंचीं। आभूषण देखने के दौरान उन्होंने बड़ी चालाकी से चांदी की 6 जोड़ी पायल चुरा लीं और मौके से फरार हो गईं। घटना के बाद क्षेत्र में इसी प्रकार की अन्य चोरियों को भी गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चेनसिंह महेचा (बाली) के निर्देशन में तथा थाना रानी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साधनों और मुखबिर तंत्र की मदद से संदिग्ध महिलाओं की पहचान कर उनका पीछा करना शुरू किया। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने दो महिलाओं को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उन्होंने चोरी की वारदात को स्वीकार कर लिया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को जोधपुर निवासी बताया है। पूछताछ में यह भी सामने आया कि ये महिलाएं ज्वेलरी, कपड़े और बर्तन की दुकानों में ग्राहक बनकर जाती थीं और मौका मिलते ही सामान चोरी कर लेती थीं। पुलिस ने ज्वेलरी दुकानों से चोरी किए गए आभूषणों के साथ-साथ अन्य दुकानों से चुराए गए वस्त्र और सामान भी लगभग 100 प्रतिशत बरामद कर लिया है।
जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि आरोपियों ने पाली जिले के सांडेराव क्षेत्र में एक कपड़े की दुकान से राजपूती पोशाक भी चोरी की थी। इस वारदात को भी आरोपियों ने स्वीकार कर लिया है।
इस सफल कार्रवाई में थाना रानी के पुलिस अधिकारियों और जवानों की अहम भूमिका रही, जिन्होंने तकनीकी विश्लेषण और मानवीय सूचना के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई। पाली पुलिस की इस मुस्तैद कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय चोरी की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगी है।
“ऑपरेशन सजग” के तहत की गई यह कार्रवाई पुलिस की सतर्कता और सक्रियता का स्पष्ट उदाहरण है। इससे जहां आमजन में सुरक्षा और विश्वास की भावना मजबूत हुई है, वहीं अपराधियों में भय का माहौल भी बना है।













