
- रिपोर्ट – पुखराज कुमावत सुमेरपुर
🏆 KPL-9 में सुमेरपुर का परचम: मुंबई में रचा इतिहास
57 रन की जुझारू पारी और घातक गेंदबाज़ी से बना विजेता
सुमेरपुर/मुंबई। चार सीजन की बदकिस्मती को पीछे छोड़ते हुए सुमेरपुर टीम ने आखिरकार KPL-9 में इतिहास रच दिया।
सेमीफाइनल में किशोर MK की 57 रन की जुझारू पारी और फाइनल मुकाबले में भैराराम कुमावत कोलीवाडा की निर्णायक गेंदबाज़ी के दम पर सुमेरपुर ने खिताब अपने नाम कर लिया।
मुंबई की धरती पर ट्रॉफी उठाते ही खिलाड़ियों और समर्थकों की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े।
2017 में KPL-1 पाली में विजेता बनी सुमेरपुर टीम ने एक बार फिर अपनी ताकत और जज्बे का परिचय देते हुए KPL-9 में शानदार वापसी की।
सेमीफाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा
सेमीफाइनल में टीम दबाव में थी, लेकिन किशोर MK ने 57 रन की संघर्षपूर्ण पारी खेलकर मैच का रुख बदल दिया।
उनकी संयमित बल्लेबाज़ी ने टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया और फाइनल का टिकट पक्का किया। किशोर की इस पारी को पूरे टूर्नामेंट का टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है।
फाइनल में भैराराम कुमावत का कमाल
फाइनल मुकाबले में जीत का श्रेय जाता है भैराराम कुमावत को। उन्होंने विपक्षी टीम के अहम बल्लेबाज़ मनोज कुमावत को आउट कर मैच सुमेरपुर की झोली में डाल दिया। निर्णायक विकेट ने मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया और सुमेरपुर ने खिताब जीतकर इतिहास रच दिया।
चार खिलाड़ियों की ऐतिहासिक जोड़ी
2017 में KPL-1 पाली में विजेता टीम का हिस्सा रहे किशोर MK, भैराराम कुमावत, शेखर कुमावत और सुमित टाक ने एक बार फिर KPL-9 में साथ खेलते हुए टीम को चैंपियन बनाया। इन चारों खिलाड़ियों की समझ, तालमेल और अनुभव ने टीम को मजबूती दी।

सुमेरपुर टीम के विजेता खिलाड़ी
KPL-9 विजेता टीम:
किशोर MK, भैराराम कुमावत, तुषार चांदोरा, शेखर कुमावत, सुमित टाक, दिनेश, अर्जुन, सुरेश MK, हेमंत, सचिन, सुरेश बांकली, हितेश और दिलीप।
चार साल की निराशा के बाद सुनहरा पल
पिछले चार सीजन से सुमेरपुर टीम सेमीफाइनल में बदकिस्मती का शिकार होकर बाहर हो रही थी।
लेकिन इस बार टीम ने मानसिक मजबूती और आक्रामक रणनीति के साथ मैदान में उतरकर हर चुनौती का जवाब दिया। यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि संघर्ष, धैर्य और विश्वास की जीत है।
सुमेरपुर ने दिखा दिया — जज्बा हो तो हर सपना सच होता है!













