
श्रीयादे माता के गगनभेदी जयकारों से गूंजा सादड़ी
श्रीयादे माता 34वां वार्षिक मेला : वरघोड़े में उमड़ा ऐतिहासिक जनसैलाब
श्रीयादे माता युवा संगठन के अध्यक्ष पार्षद रमेश प्रजापत ने बताया कि प्रजापति समाज की आराध्य देवी श्रीयादे मां की 34वीं वर्षगांठ पूरी श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकजुटता के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः यज्ञ अनुष्ठान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई।
इसके पश्चात श्रीयादे माता मंदिर पर भगवानलाल कपुकरा के परिवारजनों द्वारा
ध्वजारोहण कर समाज की सुख-समृद्धि की कामना की गई।

भव्य वरघोड़ा बना आकर्षण का केंद्र
युवा अध्यक्ष पार्षद ने बताया की मंदिर के महंत परम पूज्य हुकुम भारती जी महाराज एवं संत महादेव भारती जी के सान्निध्य में संत-महात्माओं से सुसज्जित रथ के साथ भव्य वरघोड़ा धूमधाम से निकाला गया।
वरघोड़े में डीजे पर गूंजते भजनों पर युवक-युवतियां झूमते नजर आए। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर वरघोड़े का स्वागत किया गया।
वरघोड़ा ब्रजभाटा, महाकाली चौक, भवानी चौक होते हुए अम्बेडकर नगर स्थित प्रजापति समाज न्याति नोहरा पहुंचा।
101 प्रतिभाओं का सम्मान, समाज का गौरव बढ़ाया
न्याति नोहरा परिसर में आयोजित समारोह में
शिक्षा, खेल, कला, संस्कृति एवं अन्य क्षेत्रों में
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रजापति समाज की 101 प्रतिभाओं का सम्मान किया गया।
साथ ही सामाजिक बैठक में समाज सुधार, शिक्षा विस्तार, युवा सशक्तिकरण एवं संगठन मजबूती पर विस्तृत चर्चा कर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किए गए।

सौताला अध्यक्ष नथाराम, सचिव कपूरचंद जलवानिया, मांगीलाल, पुखराज, मुंबई ग्रुप ओगडराम घाणेराव, फूलचंद, देवेन्द्र लुणिया, बाबूलाल, शंकरलाल, भंवरलाल, ललित कुमार दौलपुरा, प्रभुराम बालराई, भरतजी रानी गांव, युवा संगठन अध्यक्ष रमेश प्रजापत सादड़ी, सोहनलाल, कृष्ण कवाड़िया, कालूराम चारभुजा सहित समाज के अनेक वरिष्ठजन, युवा एवं महिलाएं उपस्थित रहीं।
भक्ति संध्या में आस्था का महासागर
अध्यक्ष रमेश प्रजापत ने बताया की रात्रिकालीन भक्ति संध्या संत महादेव भारती एवं महंत महेंद्रसिंह राणावत के सान्निध्य में आयोजित हुई, जिसमें श्रद्धालु भोर तक भक्ति में लीन रहे।
लक्ष्मी इवेंट्स मुंबई के बैनर तले भजन कलाकार मोहितराजजी बिलाड़ा, पलक प्रजापति मुंबई, मंच संचालक कांतिलाल प्रजापति, झांकी विनोद छैला एंड पार्टी, हास्य कलाकार जगिया पिंटिया एवं जुगल किशोर ने शानदार प्रस्तुतियां दीं।













