भीलवाड़ा में भक्ति का महासागर: शिव महापुराण कथा में उमड़ा आस्था का जनसैलाब

महेश पूरी
पंडित प्रदीप मिश्रा बोले— बेटियों को बनाओ सामर्थ्यवान, “बहू पढ़ाओ-देश बचाओ” का दिया संदेश
भीलवाड़ा, 8 अप्रैल। मेवाड़ की पावन धरा भीलवाड़ा ने बुधवार को भक्ति का नया इतिहास रच दिया, जब मेडिसिटी ग्राउंड में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के पहले ही दिन श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। प्रख्यात कथावाचक ‘कुबेर भंडारी’ पंडित प्रदीप मिश्रा के मुखारविंद से कथा श्रवण करने के लिए लाखों श्रद्धालु पहुंचे, जिससे पूरा पांडाल ‘हर-हर महादेव’ और ‘श्री शिवाय नमस्तुभ्यं’ के जयकारों से गूंज उठा।
कथा स्थल पर करीब 11 लाख वर्ग फीट क्षेत्र में बनाए गए विशाल पांडाल के भीतर और बाहर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ नजर आई। मंच पर पहुंचते ही पंडित मिश्रा ने भीलवाड़ा की धरती को नमन किया और गुरु वंदना के साथ कथा का शुभारंभ किया।
कथा के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं को सामाजिक संदेश देते हुए कहा कि बेटियों को संस्कारवान ही नहीं, बल्कि सामर्थ्यवान और आत्मनिर्भर बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि “बेटियों को शिक्षा के साथ आत्मरक्षा के गुर भी सिखाएं, ताकि वे किसी पर निर्भर न रहें।” साथ ही उन्होंने “बहू पढ़ाओ-देश बचाओ” का संदेश देते हुए परिवार और समाज में महिलाओं की शिक्षा पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बेटियों की सुरक्षा बड़ी चुनौती बन गई है, ऐसे में उन्हें हर परिस्थिति का सामना करने के लिए सक्षम बनाना जरूरी है। शिव भक्ति का महत्व बताते हुए उन्होंने कहा कि सच्चे मन से की गई भक्ति हर समस्या का समाधान कर सकती है।
“भगवान की इच्छा से ही होती है कथा”
पंडित मिश्रा ने कहा कि शिव महापुराण कथा का आयोजन भगवान की इच्छा से ही संभव होता है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष सभी तैयारियों के बावजूद कथा नहीं हो सकी, लेकिन इस बार भगवान की कृपा से आयोजन संभव हो पाया।

भजनों पर झूमे श्रद्धालु कथा के दौरान ‘दमादम भोले शंकर’ जैसे भजनों पर हजारों श्रद्धालु, विशेषकर महिलाएं, भावविभोर होकर झूम उठीं। पूरा वातावरण शिवमय हो गया और श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए।
अतिथियों ने की आरती
कार्यक्रम में भीलवाड़ा विधायक अशोक कोठारी ने स्वागत उद्बोधन दिया। कथा विश्राम के दौरान सांसद दामोदर अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा सहित कई जनप्रतिनिधियों और अतिथियों ने व्यासपीठ की आरती की।
आभूषण पहनकर न आने की अपील
पंडित मिश्रा ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे कथा में कीमती आभूषण पहनकर न आएं। उन्होंने कहा कि “गले में सोना होगा तो चोर की नजर पड़ेगी, लेकिन रुद्राक्ष होगा तो शिव की कृपा मिलेगी।”
सुरक्षा व पार्किंग के पुख्ता इंतजाम
कथा स्थल पर आयोजन समिति और पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। वाहनों की पार्किंग के लिए अलग-अलग स्थान निर्धारित किए गए हैं, वहीं श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था भी लागू की गई है।
कथा प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।











