सादड़ी में 77वां गणतंत्र दिवस: सरस्वती विद्या मंदिर में देशभक्ति और संस्कारों का भव्य संगम

🇮🇳 गणतंत्र दिवस 2026 उत्साह व देशभक्ति के साथ मनाया गया 🇮🇳
सादड़ी, 26 जनवरी 2026


आज पूरे देश के साथ-साथ सरस्वती विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय, सादड़ी में 77वाँ गणतंत्र दिवस बड़े हर्षोल्लास एवं देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया।
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भारत आदी अनादि काल से हिन्दू राष्ट्र है -अशोक पाल मीणाMarch 1, 2025
अतिथियों का परिचय सहायक प्रधानाचार्य भैराराम परिहार द्वारा कराया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री रूपाराम जी माली का स्वागत व्यवस्थापक नारायण लाल लोहार द्वारा दुपट्टा एवं साफा पहनाकर किया गया।
विद्यालय प्रबंध समिति सदस्य राजू भाई जैन एवं व्यवस्थापक नारायण लाल लोहार का सम्मान प्रधानाचार्य मनोहर लाल सोलंकी द्वारा दुपट्टा एवं साफा पहनाकर किया गया।
विशिष्ट अतिथि डॉ. श्री निर्मल त्रिवेदी का सम्मान व्यवस्थापक नारायण लाल लोहार द्वारा तथा ऐश्वर्या त्रिवेदी का सम्मान मातृ भारती सदस्या उषा माली द्वारा किया गया।
प्रातः 9:00 बजे विद्यालय प्रांगण में ध्वजारोहण किया गया। प्रधानाचार्य मनोहर लाल सोलंकी, मुख्य अतिथि रूपाराम जी माली, राजू भाई जैन, नारायण लाल लोहार, डॉ. निर्मल त्रिवेदी एवं ऐश्वर्या त्रिवेदी द्वारा संयुक्त रूप से तिरंगा फहराया गया। इसके पश्चात सभी विद्यार्थियों एवं आचार्यों द्वारा राष्ट्रगान गाया गया तथा घोष के माध्यम से अभिवादन किया गया।
समर्पण सप्ताह के अंतर्गत सर्वाधिक राशि एकत्र करने वाले भैया-बहनों को पुरस्कार प्रदान किए गए। साथ ही लक्ष्य पूर्ति एवं उससे अधिक राशि एकत्र करने वाले आचार्यों को मंच से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा देशभक्ति गीत, नृत्य, सामूहिक गीत “तुम मुझको विश्वास दो, मैं तुमको विश्वास दूँ”, मोबाइल फोन के दुरुपयोग पर आधारित नाटक, विज्ञान के जादुई प्रयोग, कविता पाठ एवं भाषण सहित अनेक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिनमें भारत की एकता, अखंडता एवं संविधान के महत्व को प्रभावी रूप से दर्शाया गया।
प्रधानाचार्य मनोहर लाल सोलंकी ने अपने संबोधन में संविधान की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से अनुशासन, ईमानदारी एवं देशसेवा को जीवन का लक्ष्य बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग ही देश का भविष्य है और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य द्वारा सभी आगंतुकों, अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।











