पाली को ‘प्रताप सर्किट’ में शामिल करने की मांग, सीएम भजनलाल शर्मा को सौंपा ज्ञापन

महाराणा प्रताप की ननिहाल स्थली के विकास हेतु प्रतिनिधिमंडल ने रखे प्रस्ताव, पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर
पाली, 12 अप्रैल। महाराणा प्रताप की ननिहाल नगरी पाली मारवाड़ को राज्य सरकार की ‘प्रताप सर्किट’ योजना में शामिल करने की मांग को लेकर जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को ज्ञापन सौंपा गया। महाराणा प्रताप विकास समिति के तत्वावधान में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री निवास पर मुलाकात कर पाली से जुड़े ऐतिहासिक महत्व को विस्तार से रखा। प्रतिनिधिमंडल में नगर परिषद पाली के पूर्व सभापति महेंद्र बोहरा, समिति अध्यक्ष एडवोकेट शैतान सिंह सोनीगरा, सचिव चम्पालाल सिसोदिया तथा पार्षद विकास बुबकिया शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि महाराणा प्रताप का बाल्यकाल पाली से जुड़ा रहा है। उनके नाना महाराव अखेराज सोनगरा एवं मामा मानसिंह से जुड़े ऐतिहासिक स्थल आज भी क्षेत्र की पहचान हैं। इन धरोहरों के संरक्षण एवं विकास से न केवल इतिहास सुरक्षित रहेगा, बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी पाली का महत्व बढ़ेगा। उन्होंने पाली स्थित जूनी कचहरी गढ़ (ननिहाल परिसर) के समग्र विकास पर विशेष जोर देते हुए यहां लाइट एंड साउंड शो, संग्रहालय एवं शोध केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। साथ ही शहर के प्रमुख संस्थानों का नामकरण महाराणा प्रताप एवं उनके परिजनों के नाम पर करने की मांग भी की गई।

इसके अलावा पाली के प्रवेश मार्गों पर “महाराणा प्रताप की ननिहाल स्थली पाली” दर्शाते हुए भव्य स्वागत द्वार बनाने और शहर के सौंदर्यीकरण की योजना प्रस्तुत की गई, जिससे पाली को पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को पूर्व में इस स्थल पर उनके आगमन की भी याद दिलाई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सभी प्रस्तावों को गंभीरता से सुनते हुए सकारात्मक रुख अपनाया और आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार से पाली को प्रताप सर्किट में शामिल कर बजट एवं योजनाओं की स्वीकृति देने का आग्रह किया, ताकि क्षेत्र का समग्र विकास हो और आने वाली पीढ़ियों को इतिहास व राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा मिल सके।











