खाद के लिए सहकारी समिति के बाहर किसानों ने चारपाई डालकर गुजारी रात, सुबह लाइन लगाकर लिया यूरिया

गुरला (भीलवाड़ा) | भीलवाड़ा जिले के गुरला क्षेत्र के गाडरमाला गांव से किसानों की गंभीर परेशानी सामने आई है, जहां यूरिया खाद प्राप्त करने के लिए किसान कड़ाके की ठंड में पूरी रात सहकारी समिति के बाहर चारपाई डालकर सोने को मजबूर हो गए। रबी फसलों के लिए खाद की अत्यधिक आवश्यकता के चलते किसानों ने सुबह लाइन में आगे स्थान पाने के उद्देश्य से रात से ही समिति के बाहर डेरा डाल लिया।
ग्रामीण किसानों ने बताया कि बीते दिन सहकारी समिति में यूरिया खाद से भरी गाड़ी खाली की गई थी तथा अगले दिन सुबह खाद वितरण किया जाना था। इसी कारण आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में किसान रात होते ही समिति परिसर के बाहर पहुंच गए और खुले आसमान के नीचे पूरी रात अपनी बारी का इंतजार करते रहे।

भीषण सर्दी के बावजूद किसानों के पास कोई अन्य विकल्प नहीं था। कई किसानों ने चारपाई बिछाकर तो कुछ ने जमीन पर ही रात गुजारी। किसानों का कहना है कि इस समय रबी की फसल अपने अहम चरण में है और यदि समय पर यूरिया खाद नहीं मिली तो फसल उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा।
किसानों ने यह भी बताया कि क्षेत्र में लंबे समय से खाद की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में नहीं हो पा रही है, जिसके चलते उन्हें बार-बार सहकारी समिति के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कई बार दिनभर लाइन में लगने के बावजूद खाद नहीं मिल पाती, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ जाती है।
किसानों का कहना है कि खाद के लिए रात भर समिति के बाहर सोना उनकी मजबूरी बन चुकी है। ठंड, असुविधा और अनिश्चितता के बीच उन्हें सिर्फ इस बात की चिंता रहती है कि सुबह उनकी बारी आए और उन्हें खाद मिल सके।
ग्रामीणों ने प्रशासन एवं संबंधित विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में यूरिया खाद की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को इस तरह रातभर ठिठुरते हुए इंतजार न करना पड़े और उन्हें समय पर खाद उपलब्ध हो सके।















