रानी के सुभाष नगर स्थित वाल्मीकि बस्ती की सड़क जर्जर, जनप्रतिनिधियों की अनदेखी से जनता में आक्रोश

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सुभाष नगर, रानी की वाल्मीकि बस्ती में सड़क की हालत बेहद खराब
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रोड से चार वार्ड – 3, 4, 9 और 10 – आपस में जुड़े हुए
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बारिश में भरता है 2-3 फीट तक पानी, गंदगी से घरों तक पहुंचता है नाला
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आईटीआई कॉलेज, समाज कल्याण विभाग व बाजार तक के रास्ते में आती है रुकावट
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वार्डवासियों ने जताया गहरा आक्रोश, प्रशासन व पार्षदों से की त्वरित सुधार की मांग
सुभाष नगर रोड की जर्जर स्थिति से जनजीवन अस्त-व्यस्त
राजस्थान के पाली जिले के रानी कस्बे के प्रताप बाजार अंतर्गत सुभाष नगर की वाल्मीकि बस्ती में सड़क की हालत बेहद चिंताजनक है। वर्षों से मरम्मत के अभाव में यह सड़क खस्ताहाल हो चुकी है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह सड़क चार वार्डों—वार्ड संख्या 3, 4, 9 और 10—को जोड़ती है, जिससे सैंकड़ों लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही इसी मार्ग से होती है।
स्थानीय निवासियों की पीड़ा:
वाल्मीकि बस्ती के मनोज आदिवाल, सुरेश कुमार, प्रकाश कुमार, अनवर खां कुरैशी, अरज मोहम्मद, जितेंद्र कुमार सहित कई अन्य वार्डवासियों ने बताया कि—
“हर बारिश में सड़क पर 2-3 फीट पानी भर जाता है। नालियों का गंदा पानी पूरे इलाके में फैलकर घरों तक पहुंचता है। आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।”
प्रभावित संस्थान और राहगीर:
- आईटीआई कॉलेज व समाज कल्याण कार्यालय के छात्र एवं कर्मचारी इसी रास्ते से आते-जाते हैं
- बाजार में काम करने वाले लोग, महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे प्रतिदिन परेशानी झेलते हैं
- सड़क के बीच कीचड़ और पानी के कारण दुपहिया वाहन चालकों के लिए यह मार्ग दुर्घटना संभावित बन गया है
जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से जनता में आक्रोश
यह सड़क चार पार्षदों के वार्ड क्षेत्र में आती है, लेकिन अभी तक किसी भी जनप्रतिनिधि द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि:
“चुनाव के समय वादे होते हैं, लेकिन सड़क की मरम्मत जैसी बुनियादी आवश्यकता को हमेशा नजरअंदाज किया जाता है।”
निवासियों की प्रमुख मांगें:
सड़कों की त्वरित मरम्मत और नई सीमेंट सड़क का निर्माण
नालियों की सफाई और पानी निकासी की पुख्ता व्यवस्था
स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्रों के लिए सुरक्षित मार्ग का निर्माण
सभी चार वार्डों के पार्षदों की संयुक्त पहल और जिम्मेदारी तय की जाए
जनता में चेतावनी का स्वर:
स्थानीय लोगों ने चेताया है कि यदि जल्द से जल्द समाधान नहीं हुआ, तो चारों वार्डों में जनता का आक्रोश फूट सकता है, जिससे पार्षदों को आगामी चुनाव में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
सुभाष नगर, रानी की वाल्मीकि बस्ती की सड़क की दशा प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की लापरवाही का प्रत्यक्ष प्रमाण बन गई है। यह सिर्फ एक स्थानीय समस्या नहीं, बल्कि जनता की मूलभूत सुविधाओं से जुड़ा गंभीर प्रश्न है। समय रहते यदि आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, तो जनता का गुस्सा आंदोलन का रूप ले सकता है।












