अनाथों को कभी अनाथ होने की अहसास नहीं होने देता पोखरिया स्थित अनाथ विद्यालय

- टुण्डी
आज़ के इस घोर कलियुग में भला करने एवं भविष्य संवारने की बातें सोचना एक बेवकूफी एवं उटपटांग सी बातें है आज़ के इस युग में अभिभावकों द्वारा अपने परिवार एवं बाल बच्चों का भविष्य संवारने के लिए न जाने क्या क्या बीड़ा उठाते है और जब वही बच्चा एक दिन बड़े होकर एक शिक्षित एवं परिपक्व मनुष्य बनते हैं तो सबसे पहले अपनी पत्नी की होकर रह जाते है और जिसने इस मुकाम तक पहुंचाया उसे भूल जाते हैं और उन्हें अनाथालय में रख कर चले आते हैं।पर इसका एक विपरीत एक ऐसे सच्ची उदाहरण पेश कर रहा हूं जो अपने आप में एक मिशाल एवं इस घोर कलियुग में भी भगवान के अवतार हैं और एक बहुत बड़ा साहसी एवं पराक्रमी व्यक्ति एवं जनप्रतिनिधियों में से तथा गरीबों के लिए मसीहा बनकर उभरे हैं।

आइए जानते हैं कि इस घोर कलियुग में वैसा व्यक्तित्व आखिर कौन है। मैं बात कर रहा हूं झारखंड विधानसभा के मुख्य सचेतक सह टुण्डी के जुझारू विधायक मथुरा प्रसाद महतो जिन्होंने इस बड़ी कार्य को करने का साहस किया है यह अनोखा विद्यालय पूर्वी टुंडी के पोखरिया स्थित अनाथ विद्यालय की स्थापना कर अनाथ बच्चों को एक अच्छे संस्कार के साथ साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ग्रहण कराने का काम कर रहे हैं। यहां के बच्चों को कभी अनाथ होने का अहसास नहीं होने देते हैं वर्तमान विधायक चाहे त्योहार हो या अन्य किसी भी दिन बच्चों का बहुत ही सिस्टम से परवरिश कर अच्छे संस्कार और गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा दिए जा रहे हैं।साथ ही पोखरिया स्थित अनाथ विद्यालय बच्चों को सारी जरूरतें पूरी करती है। आज़ के इस युग में इस तरह की सेवा दिया जाना अपने आप में एक मिशाल है।














