अहिल्या बाई का अद्वितीय योगदान: अपने कोष से किया मंदिरों का जीर्णोद्धार – आरएसएस सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल
पुष्कर में रानी अहिल्या बाई के 300वें जन्मोत्सव पर विशाल धर्मसभा तथा शोभायात्रा आयोजित

3 जनवरी को तीर्थ नगरी पुष्कर में रानी अहिल्या बाई होलकर के त्रिशताब्दी जन्म समारोह के अवसर पर एक विशाल धर्मसभा का आयोजन हुआ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल ने सभा को संबोधित करते हुए रानी अहिल्या बाई के योगदान को अद्वितीय बताया। उन्होंने कहा कि रानी अहिल्या बाई ने सरकारी कोष का उपयोग न करते हुए अपने व्यक्तिगत 16 करोड़ रुपए की राशि से देशभर के क्षतिग्रस्त मंदिरों का जीर्णोद्धार करवाया। यह धनराशि उन्हें उनके ससुराल पक्ष से प्राप्त हुई थी।
डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा, “कट्टरपंथी ताकतों द्वारा तोड़े गए भारत के मंदिरों को पुनर्स्थापित कर उन्होंने आस्था और संस्कृति के प्रतीकों की रक्षा की।” उन्होंने रानी होलकर को एक कुशल प्रशासक और धर्म के प्रति समर्पित शासक बताया, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्यों से समझौता नहीं किया।
धर्मसभा में मान पुरा पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानंद और रानी होलकर के वंशज उदयराज होलकर ने भी विचार साझा किए। सभा से पहले शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें 300 बालिकाओं ने रानी अहिल्या बाई का परिधान पहनकर विशेष प्रस्तुति दी।
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