एमजीएच में बदली इमरजेंसी व्यवस्था, गोल्डन ऑवर में मिलेगा विशेषज्ञ इलाज

प्रभुलाल लोहार
जिले के महात्मा गांधी चिकित्सालय (एमजीएच) में आपातकालीन सेवाओं को और अधिक मजबूत व त्वरित बनाने के लिए अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब गंभीर मरीजों को इलाज के लिए अलग-अलग विभागों में भटकना नहीं पड़ेगा, क्योंकि ट्रोमा सेंटर, एमओटी (माइनर ऑपरेशन थिएटर) और इमरजेंसी सेवाएं एक ही छत के नीचे संचालित की जा रही हैं।
अस्पताल अधीक्षक डॉ. अरुण कुमार गौड़ के अनुसार इस नई व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि मरीज के अस्पताल में पहुंचते ही तुरंत उपचार शुरू हो जाए और किसी भी प्रकार की देरी न हो। सड़क दुर्घटना, हार्ट अटैक, गंभीर चोट, जहर सेवन सहित अन्य आपात मामलों में मरीज को गोल्डन ऑवर में त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

नई व्यवस्था के तहत इमरजेंसी विंग में मेडिसिन, सर्जरी, ऑर्थोपेडिक और एनेस्थीसिया विशेषज्ञों की संयुक्त टीम तैनात रहेगी, जो मरीज के आते ही उसकी स्थिति का तुरंत आकलन कर उपचार शुरू करेगी। साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि प्राथमिक उपचार पूर्ण होने से पहले किसी भी मरीज को वार्ड में शिफ्ट नहीं किया जाएगा, ताकि इलाज की प्रक्रिया प्रभावित न हो। इमरजेंसी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अस्पताल में सुरक्षा गार्ड, वार्ड बॉय, हेल्पर व अन्य स्टाफ की नियमित तैनाती सुनिश्चित की गई है। वहीं पूरे इमरजेंसी विंग पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी तथा कंट्रोल रूम के माध्यम से लगातार मॉनिटरिंग होगी। इसके अलावा डे-नाइट सुपरवाइजर भी तैनात रहेंगे, जो व्यवस्थाओं पर नजर रखेंगे।











