कृषकों के बीच मूंगफली बीज वितरण कार्यक्रम में मुखिया ने जताई प्रतिबद्धता | 64 किसानों को मिला लाभ

“जाताखूंटी का समग्र विकास मेरी पहली प्राथमिकता है” — मुखिया आशा मुर्मू
विकास की दिशा में एक और सार्थक कदम
झारखंड के टुण्डी प्रखंड अंतर्गत जाताखूंटी पंचायत की मुखिया आशा मुर्मू ने शनिवार को पंचायत में आयोजित मूंगफली बीज वितरण कार्यक्रम के दौरान किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि:
“जाताखूंटी पंचायत का समग्र विकास मेरी पहली और सर्वोच्च प्राथमिकता है। यहां के प्रत्येक नागरिक तक योजनाओं की किरण पहुंचे, इसके लिए मैं सतत प्रयासरत हूं।”
उन्होंने आगे कहा कि उनका उद्देश्य कृषि-आधारित आजीविका को सशक्त करना है ताकि पंचायत के किसान आत्मनिर्भर और सशक्त बनें।
कार्यक्रम का उद्देश्य: खेती को लाभकारी बनाना
कार्यक्रम के माध्यम से 64 कृषकों को उच्च गुणवत्ता वाले मूंगफली बीज वितरित किए गए। इससे पूर्व पंचायत में अन्य दलहनी बीजों का भी वितरण किया जा चुका है। आशा मुर्मू ने स्पष्ट किया कि:
“बीज वितरण केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीण कृषि जीवन में विश्वास जगाने का प्रयास है। हम चाहते हैं कि खेती घाटे का नहीं, लाभ का सौदा बने।”
इस मौके पर उन्होंने यह भी बताया कि पंचायत प्रशासन आगे चलकर प्रशिक्षण कार्यक्रम, उन्नत खेती तकनीक और बाजार तक पहुंच जैसे विषयों पर भी किसानों के लिए योजनाएं लाने की तैयारी कर रहा है।
जनता ने की मुखिया की प्रशंसा
कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों और लाभान्वित किसानों ने मुखिया आशा मुर्मू के प्रयासों की खुले दिल से सराहना की। ग्रामीणों ने कहा कि लंबे समय बाद पंचायत में ऐसा नेतृत्व मिला है, जो मूलभूत आवश्यकताओं को समझते हुए ज़मीनी काम कर रहा है।
किसानों ने बताया कि सरकार की कई महत्वाकांक्षी योजनाएं अब जाताखूंटी पंचायत में भी स्थानीय प्रशासन के माध्यम से सक्रिय रूप से लागू हो रही हैं।
इस मौके पर पंचायत के विभिन्न पदाधिकारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख हैं:
मुखिया – आशा मुर्मू, मुखिया प्रतिनिधि – शक्ति हेंब्रम, उपमुखिया – श्रीमती पूज्यंती देवी, वार्ड सदस्य – सुधीर मंडल, दर्जनों किसान एवं पंचायतवासी
मुखिया आशा मुर्मू ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले महीनों में:
- 🌾 जैविक खेती और परंपरागत बीजों पर कार्यशालाएं
- 🚜 उन्नत उपकरण किराए पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था
- 🧪 मिट्टी परीक्षण शिविरों का आयोजन
- 🛒 सीधे मार्केट से जोड़ने के लिए ‘किसान मोबाइल एप’ का प्रशिक्षण
जैसी योजनाएं पंचायत स्तर पर संचालित की जाएंगी।
जाताखूंटी पंचायत में मुखिया आशा मुर्मू द्वारा कृषकों के लिए उठाया गया यह कदम न सिर्फ योजनाओं को ज़मीन पर उतारने का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि स्थानीय नेतृत्व की सक्रियता कैसे ग्राम विकास का इंजन बन सकती है।
मूंगफली बीज वितरण कार्यक्रम से न केवल किसानों का मनोबल बढ़ा है, बल्कि पूरे क्षेत्र में कृषि के प्रति एक नई सकारात्मक सोच का संचार हुआ है।














