कोठार गांव में कड़ाके की सर्दी के साथ नए साल का आगाज, घना कोहरा और शीतलहर से जनजीवन प्रभावित

उपखण्ड बाली क्षेत्र के कोठार, बेड़ा और नाना सहित आसपास के इलाकों में नए साल के पहले दिन मौसम ने कड़ा रुख अपनाया। 1 जनवरी की सुबह क्षेत्र में घना से बहुत घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई और आम जनजीवन प्रभावित हुआ।

नए साल की शुरुआत के साथ ही कोठार गांव और आसपास के क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड महसूस की गई। सुबह के समय घने कोहरे के कारण सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया। कई स्थानों पर शीतलहर का प्रभाव बना हुआ है, जिससे न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है।
मौसम की इस बिगड़ती स्थिति से एक दिन पहले, 31 दिसंबर की रात को क्षेत्र के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश भी दर्ज की गई थी। इसके बाद ठंड में और इजाफा हो गया। मौसम विभाग के अनुसार, कई इलाकों में ‘कोल्ड डे’ की स्थिति बन रही है और आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की संभावना है।

घने कोहरे की वजह से वाहन चालकों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दृश्यता कम होने से दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है। प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें, अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें और कोहरे में वाहन चलाते समय कम गति रखें। विशेषकर सुबह और देर रात के समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है।
मौसम विभाग का कहना है कि नए साल की शुरुआत में उत्तर भारत के कई हिस्सों की तरह यह क्षेत्र भी भीषण सर्दी की चपेट में है और आने वाले दिनों में ठंड का असर और तेज हो सकता है। ऐसे में यह सर्दी आम लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रही है।















