चंडीगढ़ में जनवरी से अगस्त तक 103 साइबर अपराधी गिरफ्तार, ₹32.5 करोड़ से अधिक की ठगी—वृद्धों को बचाया ₹7.5 करोड़

1 जनवरी से 25 अगस्त 2025 तक चंडीगढ़ साइबर क्राइम ब्रांच ने 103 अपराधियों को गिरफ्तार किया
- लगभग ₹32.5 करोड़ की ठगी में से ₹7.5 करोड़ पुट वित्तीय कार्रवाई से बचाए गए हैं।
चंडीगढ़ः जारी होती साइबर ठगी की घटनाओं के बीच, चंडीगढ़ पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने वर्ष 2025 के 1 जनवरी से 25 अगस्त तक कुल 103 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। इस दौरान 102 एफआईआर दर्ज की गईं, जिसमें धोखाधड़ी की कुल राशि लगभग ₹32.5 करोड़ बताई गई है। प्रयासों की बदौलत टीम ने ₹7.5 करोड़ को फ्रीज कराकर जल्दी कार्रवाई कर पीड़ितों के खाते में लौटाने की प्रक्रिया शुरू की—वह जल्द ही कानूनी औपचारिकताओं के बाद लौटाया जाएगा।
पुलिस ने बताया कि यदि लोग समय रहते शिकायत दर्ज कराते तो अधिकांश राशि की वसूली संभव थी। साइबर सेल इंस्टेंसायलेट बैंकिंग निधियों को दो सप्ताह के भीतर लौटाने के लिए तंत्र पर काम कर रही है।

गिरफ्तार किए गए अपराधियों में से अधिकांश उत्तर प्रदेश, दिल्ली–एनसीआर, महाराष्ट्र, राजस्थान, और पश्चिम बंगाल से पकड़े गए हैं। धोखाधड़ी के तरीकों में ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग, डिजिटल अरेस्ट, क्रेडिट कार्ड फ्रॉड, और फेक सर्च इंजन लिस्टिंग शामिल हैं। इन मामलों में वृद्ध लोग, खासकर सीमित डिजिटल साक्षरता वाले, सबसे ज्यादा लक्षित रहे हैं।
इस बढ़ते खतरे से निपटने के लिए, इंस्पेक्टर इरám रिज़वी, साइबर सेल प्रमुख, ने चंडीगढ़ के सेक्टर 1 से 10 में अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों को बेझोड़ जागरूकता अभियान के तहत घर घर पहुंचकर शिक्षा देने का अभियान शुरू किया है। इसमें उन्हें धोखाधड़ी से बचने के तरीके समझाए जाते हैं।













