चित्तौड़गढ़ के सांवलियाजी मंदिर में चढ़ावा 225 करोड़ पार, 30 साल में 340 गुना बढ़ोतरी

चित्तौड़गढ़ के मंडफिया स्थित श्री सांवलियाजी मंदिर अब देशभर में आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया है। भगवान श्रीकृष्ण के इस स्वरूप को “सांवलियाजी” के नाम से जाना जाता है। यहां आने वाले भक्त भगवान को अपना साझेदार मानकर अपनी आमदनी का एक हिस्सा अर्पित करते हैं।
इस परंपरा का असर मंदिर की आमदनी पर भी साफ नजर आ रहा है। इस साल मंदिर का वार्षिक चढ़ावा 225 करोड़ रुपए से अधिक पहुंच गया है, जबकि करीब 30 साल पहले यह राशि सिर्फ 65 लाख रुपए थी। यानी तीन दशकों में चढ़ावे में करीब 340 गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

भक्तों की संख्या में भी लगातार इजाफा हो रहा है। सामान्य दिनों में लाखों श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं, जबकि चतुर्दशी, अमावस्या और जन्माष्टमी जैसे विशेष अवसरों पर दर्शन के लिए एक दिन में 15 लाख से ज्यादा भक्त आते हैं।
सांवलियाजी मंदिर अब केवल राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे देश में आस्था, श्रद्धा और साझेदारी के अनोखे उदाहरण के रूप में जाना जा रहा है।













