छत्तीसगढ़ में बड़ा माओवादी ऑपरेशन, 2 शीर्ष कमांडर ढेर
- रायपुर/कांकेर –
स्वतंत्रता दिवस की सुबह सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है।
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव और कांकेर जिले की सीमा पर हुए मुठभेड़ में दो कुख्यात माओवादी कमांडर मारे गए। ये दोनों चार राज्यों में वांछित थे और इन पर लाखों रुपये का इनाम घोषित था।
मारे गए माओवादी नेताओं की पहचान
1. विजय रेड्डी – माओवादी सेंट्रल कमेटी का सदस्य, कई बड़ी नक्सली वारदातों का मास्टरमाइंड।
2. लोकेश सलामे – दंडकारण्य विशेष क्षेत्र समिति का सक्रिय नेता, सुरक्षा बलों पर हमलों और अपहरण के मामलों में वांछित।
मुठभेड़ की घटना
- मुठभेड़ गुरुवार तड़के 4:30 बजे शुरू हुई, जब CRPF, DRG और STF की संयुक्त टीम को खुफिया सूचना मिली कि जंगल के भीतर माओवादी मीटिंग कर रहे हैं।
- सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया और माओवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी।
- करीब दो घंटे की गोलीबारी के बाद दोनों कमांडर ढेर हो गए, जबकि उनके कई साथी भागने में सफल रहे।
बरामदगी
- दो एके-47 राइफल, एक इंसास राइफल, भारी मात्रा में गोला-बारूद, विस्फोटक और माओवादी साहित्य।
- माओवादियों के बनाए गए कैंप और अस्थायी शेल्टर को भी नष्ट किया गया।
इनाम और वारदातें
विजय रेड्डी पर ₹25 लाख और लोकेश सलामे पर ₹20 लाख का इनाम था।
दोनों छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, तेलंगाना और ओडिशा में दर्जनों वारदातों में वांछित थे, जिनमें 2019 का कांकेर हमला और कई IED ब्लास्ट शामिल हैं।
सरकारी प्रतिक्रिया
छत्तीसगढ़ के डीजीपी ने कहा —
“यह ऑपरेशन माओवादी नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में अहम कदम है। आने वाले दिनों में इस तरह की कार्रवाई और तेज होगी।”
गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस सफलता पर सुरक्षा बलों को बधाई देते हुए कहा कि “नक्सलवाद के सफाए का संकल्प अब निर्णायक चरण में है।”
सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इन दो कमांडरों की मौत से माओवादियों की रणनीतिक योजना और नेतृत्व क्षमता को बड़ा झटका लगेगा। हालांकि, अभी भी जंगलों में सक्रिय अन्य गुट खतरा बने हुए हैं, और आने वाले महीनों में और बड़े ऑपरेशनों की संभावना है।












