जाली बिलों से कर चोरी के मामलों में सीए अंकित जैन गिरफ्तार, सरकार को लगाया 10 करोड़ का चूना
10.05 करोड़ के फर्जी आईटीसी घोटाले में डायरेक्टर गिरफ्तार

जयपुर – राज्य कर विभाग की प्रवर्तन शाखा-तृतीय ने 10.05 करोड़ रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) घोटाले में कार्रवाई करते हुए मैसर्स के सी जैन एंड एसोसिएट्स के डायरेक्टर अंकित जैन को गिरफ्तार किया है।
फर्जी बिलिंग से सरकारी राजस्व को नुकसान
अतिरिक्त आयुक्त (प्रशासन), प्रवर्तन शाखा-तृतीय के अनुसार, बिना किसी वास्तविक माल या सेवा की आपूर्ति किए केवल फर्जी बिल जारी कर आईटीसी का गलत तरीके से उपयोग किया गया। इस प्रक्रिया में कई फर्मों के जीएसटी रिटर्न भरने का कार्य कर रहे अंकित जैन ने फर्जी इनवॉइस जनरेट किए, जिससे सरकार को भारी वित्तीय नुकसान हुआ।
जांच और गिरफ्तारी की प्रक्रिया
विशेष आयुक्त (प्रवर्तन) के मार्गदर्शन में, अतिरिक्त आयुक्त (प्रशासन) के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। संयुक्त आयुक्त, वृत-ए, प्रवर्तन शाखा-तृतीय, जयपुर के नेतृत्व में सहायक आयुक्त कृष्ण कुमार स्वामी द्वारा गिरफ्तारी को अंजाम दिया गया। इसके बाद न्यायालय ने आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।
फर्जी आईटीसी से कमीशन का खेल
जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपने कुछ क्लाइंट्स की फर्मों के लिए जीएसटी रिटर्न भरने की प्रक्रिया का दुरुपयोग किया। उसने बिना किसी वास्तविक लेन-देन के फर्जी इनवॉइस जारी किए, जिससे बड़े पैमाने पर फर्जी आईटीसी जनरेट हुआ। इस फर्जी आईटीसी का उपयोग कर टैक्स चोरी को अंजाम दिया गया, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा। इसके बदले आरोपी को कमीशन भी प्राप्त हुआ।
जांच टीम में शामिल अधिकारी
गिरफ्तारी और जांच प्रक्रिया में सहायक आयुक्त हेमंत चंचल, राज्य कर अधिकारी हेमंत कुमार शर्मा, संजय चौधरी, प्रदीप कुमार और कर सहायक दिनेश कुमार सैनी शामिल रहे। राज्य कर विभाग ने इस तरह की कर चोरी पर सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही है और करदाताओं को जीएसटी नियमों का पालन करने की चेतावनी दी है।











