State Newsराजस्थान

झालावाड़ हादसे के बाद डॉ. नयन प्रकाश गांधी ने की बड़ी सिफारिश – ‘थर्ड-पार्टी सेफ्टी ऑडिट’ और ‘ग्रामीण पुनर्निर्माण कोष’ हों अनिवार्य

  • जयपुर

  • WhatsApp Image 2024 10 01 at 21.46.23

मूलचंद पेसवानी
जिला संवाददाता

मूलचंद पेसवानी वरिष्ठ पत्रकार, जिला संवाददाता - शाहपुरा / भीलवाड़ा 

callwebsite

झालावाड़ त्रासदी: बच्चों की मौत ने खोली बुनियादी ढांचे की पोल


  • झालावाड़ जिले के पीपलोदी गाँव में स्कूल भवन गिरने से 7 बच्चों की मौत
  • पूर्व ग्रामीण विकास सलाहकार डॉ. नयन प्रकाश गांधी ने ठोस सुधार योजना पेश की
  • त्रि-स्तरीय समाधान: थर्ड पार्टी ऑडिट, पुनर्निर्माण कोष, ग्राम पंचायत सशक्तिकरण
  • भ्रष्टाचार व निगरानी विफलता को हादसे का मुख्य कारण बताया
  • केंद्र व राज्य सरकार से ज़मीनी स्तर पर पारदर्शिता की मांग

राजस्थान के झालावाड़ जिले के पीपलोदी गांव में हाल ही में घटित हुए स्कूल भवन दुर्घटना में सात मासूम बच्चों की मौत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना ने न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के जर्जर सार्वजनिक ढांचे की असलियत भी उजागर कर दी है।

🧠 डॉ. नयन प्रकाश गांधी का विश्लेषण और सुझाव

इस घटना के संदर्भ में, ग्रामीण विकास विशेषज्ञ और पूर्व सरकारी सलाहकार डॉ. नयन प्रकाश गांधी ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा—

“यह हादसा महज प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि उन योजनाओं और उनके क्रियान्वयन के बीच की खाई का परिणाम है जो ‘विकसित भारत’ के सपनों को साकार करने के लिए बनाई गई हैं।”

कोटा निवासी और बकानी झालावाड़ मूल के डॉ. गांधी ने, भारत सरकार के जनसंख्या विज्ञान संस्थान, मुंबई विश्वविद्यालय से शहरी योजना में प्रशिक्षित विशेषज्ञ होने के नाते, व्यवस्था में संरचनात्मक बदलाव की मांग की है।

IMG 20250726 WA0036

📊 सरकारी योजनाओं और जमीनी सच्चाई में विरोधाभास

डॉ. गांधी ने सरकार की नई शिक्षा नीति, पीएम श्री स्कूल योजना जैसी पहलों की सराहना करते हुए कहा कि—

दूसरी तरफ, आज हमारे बच्चे जान जोखिम में डालकर जर्जर स्कूल भवनों में पढ़ने को मजबूर हैं। इसका कारण ग्राम स्तर पर फैला भ्रष्टाचार और कमजोर निगरानी तंत्र है।”

उन्होंने कहा कि बजट का एक बड़ा हिस्सा अधिकारी-ठेकेदार गठजोड़ के चलते भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है, जिससे काम कागज़ों पर ही हो जाता है या उसमें घटिया सामग्री का प्रयोग किया जाता है।

🧩 समाधान: डॉ. गांधी की त्रिस्तरीय सुधार योजना

  • ✅ 1. थर्ड-पार्टी सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य हो:
    1. प्रत्येक सरकारी भवन — विशेषकर स्कूल, अस्पताल और पंचायत भवन — का हर दो वर्षों में स्वतंत्र एजेंसी से सेफ्टी ऑडिट कराया जाए।
    2. ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक रूप से ऑनलाइन जारी की जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
  • ✅ 2. ग्रामीण अवसंरचना पुनर्निर्माण कोष की स्थापना:
    1. केंद्र व राज्य स्तर पर एक “ग्रामीण अवसंरचना पुनर्निर्माण कोष” (Rural Infrastructure Reconstruction Fund) बनाया जाए।
    2. जर्जर इमारतों की तत्काल मरम्मत हेतु निधि सुनिश्चित की जाए, ताकि हादसों से बचा जा सके।
  • ✅ 3. ग्राम पंचायतों को सशक्त और जवाबदेह बनाया जाए:
    1. सीधा फंड ट्रांसफर, निगरानी व्यवस्था और स्थानीय प्रतिनिधियों की जवाबदेही तय की जाए।
    2. पंचायत प्रतिनिधियों को तकनीकी प्रशिक्षण देकर निर्माण कार्यों की समझ दी जाए।

आपदा प्रबंधन से भी जुड़ी है यह विफलता

डॉ. गांधी ने इस हादसे को आपदा प्रबंधन की कमजोरी से भी जोड़ा। उन्होंने कहा—

“जैसे गांवों में स्कूल की छत गिरती है, वैसे ही शहरों में मामूली बारिश में जलभराव होता है। यह बुनियादी ढांचे की गंभीर विफलता है।”

उनका मानना है कि शहर और गांव की योजना बनाते समय अब नवीन प्रोफेशनलों — जैसे Urbal Planners, Disaster Management Experts — की नियुक्ति की जानी चाहिए।

भविष्य के लिए रणनीति:

  • हर जिले में शहरी प्रबंधन टीमों की नियुक्ति
  • विकास के लिए युवा प्रोफेशनल्स की भागीदारी
  • सतत विकास के अनुरूप मजबूत ढांचे की योजना

डॉ. गांधी ने कहा—

“विकास तभी सफल होगा जब योजना, निगरानी और क्रियान्वयन भ्रष्टाचार से मुक्त और पारदर्शी हों।”

डॉ. गांधी ने केंद्र और राज्य सरकारों की विकास योजनाओं के दृष्टिकोण और विजन की सराहना करते हुए स्पष्ट कहा कि—

“अब वक्त आ गया है कि केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि ठोस, ईमानदार और तकनीकी रूप से दक्ष क्रियान्वयन के जरिए देश के हर गांव को सुरक्षित और विकसित बनाया जाए।”

झालावाड़ की घटना एक चेतावनी है, एक कॉल है सुधार की। इस दर्दनाक हादसे से हमें न केवल सहानुभूति बल्कि व्यवस्था में वास्तविक परिवर्तन लाने की प्रेरणा लेनी चाहिए। डॉ. नयन प्रकाश गांधी जैसे अनुभवी विशेषज्ञों की नीतिगत सलाह यदि समय रहते अपनाई जाती है, तो हम आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित, मजबूत और सुनियोजित भारत दे सकते हैं।

न्यूज़ डेस्क

🌟 "सच्ची ख़बरें, आपके अपने अंदाज़ में!" 🌟 "Luniya Times News" पर हर शब्द आपके समाज, आपकी संस्कृति और आपके सपनों से जुड़ा है। हम लाते हैं आपके लिए निष्पक्ष, निर्भीक और जनहित में बनी खबरें। यदि आपको हमारा प्रयास अच्छा लगे — 🙏 तो इसे साझा करें, समर्थन करें और हमारे मिशन का हिस्सा बनें। आपका सहयोग ही हमारी ताक़त है — तन, मन और धन से। 📢 "एक क्लिक से बदलें सोच, एक शेयर से फैलाएं सच!"

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button