टुण्डी में बोराएं हाथियों का तांडव, आदिवासी इलाकों में दहशत; घर-अनाज तबाह, मुआवजे की मांग तेज

टुण्डी में बोराएं हाथियों का आतंक
आदिवासी बहुल इलाकों में दहशत, घर और अनाज तबाह
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टुण्डी में बोराएं हाथियों के लगातार आतंक से आदिवासी बहुल क्षेत्रों के लोगों का जीना मुहाल हो गया है।
शाम ढलते ही लोग अपने-अपने घरों में दुबकने को मजबूर हो गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार टुण्डी प्रखंड के पूर्णाडीह पंचायत अंतर्गत चकामानपुर गांव में
शुक्रवार की रात करीब नौ बजे एक बोरांए हाथी ने गांव में प्रवेश किया और
गुरूचरण टुडू (पिता: स्व. किस्टो टुडू) के मिट्टी से बने घर को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
हाथी ने घर में रखे करीब तीस मन चावल और तीस मन धान को नष्ट कर अपना आहार बना लिया।
इस घटना से पीड़ित परिवार पूरी तरह असहाय हो गया है।
हाथी ने घर को चारों ओर से क्षतिग्रस्त कर दिया और अनाज पूरी तरह बर्बाद कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय मुखिया बसंत नारायण तिवारी घटनास्थल पर पहुंचे।
वहां का दृश्य देखकर वे अचंभित रह गए। उन्होंने बताया कि इन दिनों टुण्डी क्षेत्र में
बोराएं हाथियों द्वारा लगातार तांडव मचाया जा रहा है।
मुखिया श्री तिवारी ने वन विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग के पास
न तो कोई वैकल्पिक व्यवस्था है और न ही समय पर घटनास्थल पर पहुंचने की तत्परता।
विभाग केवल तमाशबीन बना हुआ है।
“वन विभाग के पास न मशाल है और न ही हाथियों को भगाने की कोई ठोस व्यवस्था।
सूचना मिलने के बावजूद अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचते।”
— बसंत नारायण तिवारी, मुखिया
मुखिया ने जिला प्रशासन से अविलंब पीड़ित परिवार को
क्षतिपूर्ति राशि, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक यूनिट
तथा सोलर लाइट उपलब्ध कराने की मांग की है,
ताकि रोशनी के माध्यम से हाथियों के प्रवेश पर रोक लगाई जा सके।
मौके पर उपस्थित लोग
- मुखिया – बसंत नारायण तिवारी
- समाजसेवी – हितलाल मुर्मू
- बोधीलाल मुर्मू
- पंचायत सेवक – राजेश रविदास
- बालेश्वर मंडल
- स्वयंसेवक – गणेश महतो














