तिलैयबेडा गांव में हाथी का कहर: दो बैलों की मौत, वन विभाग की लापरवाही उजागर

टुण्डी — टुण्डी प्रखंड के बेगनरियां पंचायत अंतर्गत तिलैयबेडा गांव में जंगली हाथी का आतंक दूसरे दिन भी जारी रहा। देर रात हाथी ने गांव निवासी सुरेश हांसदा के दो बैलों को कुचलकर मार डाला, जिससे गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल बन गया।
ग्रामीणों के अनुसार बीते दो दिनों से हाथी गांव और आसपास के खेतों में विचरण कर रहा था, लेकिन इसके बावजूद वन विभाग द्वारा न तो कोई सुरक्षा इंतजाम किया गया और न ही हाथी को खदेड़ने की कोई ठोस कार्रवाई की गई। इस लापरवाही का खामियाजा आज एक गरीब किसान को अपनी आजीविका के साधन गंवाकर चुकाना पड़ा।
घटना की सूचना मिलने पर जब पीड़ित सुरेश हांसदा ने वन विभाग से संपर्क किया तो विभाग ने मदद करने के बजाय पशुपालन विभाग से मौत की पुष्टि का प्रमाण-पत्र लाने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। इससे आहत और परेशान सुरेश हांसदा मीडिया के सामने अपनी पीड़ा रखते हुए फूट पड़े। उन्होंने बताया कि दोनों बैलों की कीमत करीब 50 हजार रुपये थी, जो उनके परिवार की आजीविका का मुख्य सहारा थे। उन्होंने कहा कि “सरकार और विभागों के बीच हम जैसे गरीब किसान पिस रहे हैं। न सुरक्षा मिली और न ही अब तक मुआवजे की कोई ठोस पहल।”
गौरतलब है कि इस क्षेत्र में हाथी के आतंक की खबर पहले ही प्रमुखता से प्रकाशित की जा चुकी थी, इसके बावजूद वन विभाग की निष्क्रियता बनी रही। नतीजा यह हुआ कि आज एक बड़ी और दुखद घटना घट गई।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में तुरंत हाथी को खदेड़ने के लिए विशेष टीम भेजी जाए, प्रभावित परिवार को शीघ्र मुआवजा दिया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए ठोस सुरक्षा व्यवस्था की जाए। गांव में अभी भी डर का माहौल है और लोग रातें जागकर काटने को मजबूर हैं।















