*दहींसर मुबंई अस्पताल जहां एंजियोप्लास्टी और बाईपास सर्जरी पूरी तरह से मुफ्त हैं*

दहीसर मुंबई मे इस अस्पताल में हार्ट डिजीज के सभी रोगियों का निशुल्क इलाज
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अगर कोई आपसे कहे कि हृदय रोग के लिए एंजियोप्लास्टी और बाईपास सर्जरी पूरी तरह से मुफ्त हैं, तो क्या आप इस पर विश्वास करेंगे? एंजियोप्लास्टी में आमतौर पर 1.5 से 2 लाख रुपये और बाईपास सर्जरी में लगभग 3.5 लाख रुपये का खर्च आता है। इसके अलावा, अस्पताल में रहने का खर्च अलग से होता है।
लेकिन दहिसर के भरूचा रोड स्थित नॉर्दर्न केयर सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में ये दोनों ऑपरेशन बिलकुल मुफ्त किए जाते हैं। इस सामाजिक सेवा का श्रेय अस्पताल के निदेशक डॉ. जय ठक्कर को जाता है। हाल ही में जब हमारी मुलाकात डॉ. जय ठक्कर से हुई, तो उन्होंने हमें इस अस्पताल के बारे में जानकारी दी।
कई मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल हैं, लेकिन सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल अधिक सुविधाएं प्रदान करते हैं। यहां सभी बीमारियों के विशेषज्ञ मौजूद हैं। दहिंसर स्थित नॉर्दर्नकेयर सुपर-स्पेशलिटी हॉस्पिटल्स एलएलआर की खासियत यह है कि यहां हृदय रोग के मरीजों के लिए एंजियोप्लास्टी और बाईपास जैसी सर्जरी बिल्कुल मुफ्त की जाती हैं।
इसके लिए मरीज के पास राशन कार्ड होना आवश्यक है (किसी भी रंग का राशन कार्ड मान्य है। सफेद राशन कार्ड धारक भी इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं)। राशन कार्ड पीले, केसरिया और सफेद रंग में उपलब्ध हैं। राशन कार्ड और आधार कार्ड दिखाने पर मरीज इस अस्पताल में बिल्कुल मुफ्त इलाज करा सकते हैं।
दहिसर में 50 बिस्तरों वाले इस अस्पताल की स्थापना का विशेष कारण यह है कि बोरीवली तक तो ऐसे कई अस्पताल हैं, लेकिन बोरीवली के बाद के क्षेत्र में ऐसा कोई अस्पताल नहीं है। बोरीवली तक के अस्पताल इन दोनों तरह की सर्जरी के लिए भारी शुल्क लेते हैं, जबकि नॉर्दर्न केयर अस्पताल में ये दोनों सर्जरी पूरी तरह से मुफ्त की जाती हैं।

डॉ. जयकुमार ठक्कर ने हमें बताया, “बोरीवली के बाद वाले क्षेत्र में मध्यम वर्ग के लोग अधिक रहते हैं, और यह अस्पताल उनकी मदद के लिए शुरू किया गया है।”
नॉर्दर्न केयर सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में कई अन्य सेवाएं भी उपलब्ध हैं
लेकिन हृदय रोग के मरीजों को प्राथमिकता दी जाती है। इसके लिए अस्पताल में चौबीसों घंटे दो हृदय रोग विशेषज्ञ मौजूद रहते हैं।
इस अस्पताल का उद्घाटन 21 जुलाई, 2024 को हुआ था और लगभग डेढ़ साल में यहां 3,500 हृदय रोग के मरीजों को मुफ्त इलाज दिया गया है और उन्हें नया जीवन मिला है।













