दिव्यांग सेवा समिति की मूकबधिर बहनों ने मनाया सावन लहरिया उत्सव, सांकेतिक भाषा से महसूस की खुशीयां अपार।

- गुरूवार 31 जुलाई।
दिव्यांग सेवा समिति पाली से जुड़ी शहर की मूकबधिर बहनों द्वारा गुरूवार को समिति कार्यालय में लहरिया उत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें बहनों द्वारा सांकेतिक भाषा से आपसी संवाद, सहयोग और सशक्तिकरण की भावना देखने को मिली।
आयोजन का उद्देश्य मूक-बधिर बहनों द्वारा सावन महोत्सव के तहत अन्य सामान्य महिलाओं की तरह सामूहिकता के भाव को महसूस करके ख़ुशी प्राप्त कर सकें।
दिव्यांग सेवा समिति के मूक बधिर खेल विभाग की संयोजिका लक्ष्मी राका ने बताया कि बहनों ने लहरिया थीम की राखी साड़ी पहनकर पारंपरिक रंगत में सामूहिक एकरूपता का संदेश देते हुए नृत्य किया।
पश्चात मूक-बधिरों द्वारा खेले जा रहे विभिन्न खेलों और मनोरंजक खेल खेले गये। जिससे बचपन की स्मृतियां सजीव और जीवंत हो उठी। बहनों ने सांकेतिक भाषा में बात कर आनन्द का अनुभव किया।
इस आयोजन के माध्यम से मूक-बधिर बहनों का न केवल उत्सव का आनंद मिला बल्कि महिलाओं को एक-दूसरे से जुड़कर आत्मबल महसूस करने का अवसर भी मिला।
संस्थापक एवं मंत्री घेवरचन्द आर्य तथा कोषाध्यक्ष विनोद कुमार जैन ने कहां की दिव्यांग सेवा समिति मूक-बधिरों द्वारा ही संचालित है। समिति द्वारा आयोजित इस प्रकार के सामूहिक आयोजनों से मूक बधिर बहनों में न केवल सामाजिक जुड़ाव बढ़ता है, बल्कि आत्मविश्वास जागृत होता है साथ ही आपसी समझ तथा सशक्तिकरण को भी बल मिलता है।
इस अवसर पर लक्ष्मी राका, शालिनी जैन, पूजा गौराना, प्रियंका मून्दडा, पूजा डुंगरवाल, संतोष गौराना, पूजा सेठीया सहित कई विवाहित मूक-बधिर बहनें मोजूद रही।











