
जयपुर | राजस्थान के देवस्थान मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने सोमवार को सचिवालय में आयोजित देवस्थान विभाग की समीक्षा बैठक में कई अहम निर्देश दिए। इस बैठक का मुख्य फोकस मंदिरों की जमीन पर हो रहे अतिक्रमण को हटाना, प्रमुख तीर्थ स्थलों का विकास, तथा वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजनाओं की प्रभावी क्रियान्विति रहा।
बजट घोषणाओं की शत-प्रतिशत क्रियान्विति के निर्देश
बैठक में वर्ष 2024-25 की बजट घोषणाओं की प्रगति और वर्ष 2025-26 के प्रस्तावित कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। मंत्री श्री कुमावत ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि:
- बजट में स्वीकृत सभी योजनाएं और कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं।
- अधूरे कार्यों को प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द पूर्ण किया जाए।
- डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बनाकर मरम्मत और जीर्णोद्धार कार्यों को गति दी जाए।
मंदिरों की जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
श्री कुमावत ने स्पष्ट किया कि राज्यभर में मंदिरों की भूमि पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि:
- जिला कलेक्टरों व एसडीएम की मदद से अतिक्रमण चिन्हित कर कब्जा मुक्त किया जाए।
- मंदिरों की आय बढ़ाने हेतु कृषियोग्य जमीन पर वर्षाकाल में फलदार पौधों का रोपण किया जाए।
- मंदिर परिसरों की सुरक्षा और उपयोगिता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना और ऑनलाइन आवेदन
बैठक में वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना 2025 के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू करने का निर्णय लिया गया। साथ ही:
- सिन्धु दर्शन यात्रा योजना के संशोधित प्रारूप को लागू करने के निर्देश भी दिए गए।
- सिख धर्म के तीर्थ स्थलों जैसे श्री पटना साहिब और हजूर साहिब (नांदेड़) को योजना में शामिल करने पर भी विचार हुआ।
बेणेश्वर धाम व गोगामेड़ी के तीव्र विकास के निर्देश
राजस्थान के प्रमुख तीर्थ स्थल बेणेश्वर धाम और गोगामेड़ी के विकास कार्यों को लेकर भी बैठक में विशेष मंथन किया गया। देवस्थान मंत्री और राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री ओंकार सिंह लखावत ने:
- डीपीआर के आधार पर विकास कार्य शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए।
- अन्य प्रसिद्ध मंदिरों जैसे मेंहदीपुर बालाजी और रामदेवरा के लिए भी कार्ययोजना बनाने को कहा।
मंदिरों की आरती के ऑनलाइन दर्शन की योजना
भक्तों की सुविधा के लिए प्रमुख मंदिरों में सुबह-शाम की आरती का ऑनलाइन लाइव प्रसारण शुरू करने की योजना पर भी कार्य किया जाएगा। इसके लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
रिक्त पदों की शीघ्र भर्ती के निर्देश
देवस्थान मंत्री ने विभाग में रिक्त पदों को प्राथमिकता से भरने और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए शीघ्र भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।
बैठक में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारीगण:
श्री कृष्णकांत पाठक — शासन सचिव, देवस्थान विभाग, श्री आलोक सैनी — शासन उप सचिव, पर्यटन विभाग के संयुक्त सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी
देवस्थान मंत्री श्री जोराराम कुमावत की यह समीक्षा बैठक राज्य के धार्मिक स्थलों के संरक्षित और समग्र विकास की दिशा में एक अहम कदम साबित हो सकती है। मंदिरों की भूमि को अतिक्रमण मुक्त बनाना, तीर्थ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना, और डिजिटल माध्यम से भक्तों को जोड़ना, राजस्थान को धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
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