नगर पालिका सादड़ी की हठधर्मीता चरम पर, नेता प्रतिपक्ष राकेश रेखराज मेवाड़ा को सूचना और प्रमाणित प्रतिलिपि देने से किया इनकार

सादड़ी। नगर पालिका सादड़ी प्रशासन की कार्यशैली को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। नेता प्रतिपक्ष राकेश रेखराज मेवाड़ा ने नगर पालिका प्रशासन पर हठधर्मीता और अलोकतांत्रिक रवैया अपनाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि गुरुवार, दिनांक 13 फरवरी 2025 को आयोजित साधारण सभा और बोर्ड बैठक में लिए गए प्रस्तावों एवं कार्यवाही की प्रमाणित प्रतिलिपि और जानकारी की मांग उन्होंने विधिवत रूप से नगर पालिका कार्यालय में की थी, लेकिन प्रशासन ने टालमटोल करते हुए ना तो सूचना दी और ना ही प्रतिलिपि उपलब्ध करवाई।
मेवाड़ा ने बताया कि उन्होंने गुरुवार को सूचना मांगने का आवेदन (पार्थना पत्र) प्रस्तुत किया था, लेकिन बाद में उन्हें जानकारी मिली कि उनका आवेदन ही गुम कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पालिका प्रशासन द्वारा जानबूझकर आवेदन गायब कर लोकतांत्रिक व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
राकेश रेखराज मेवाड़ा ने बताया कि आज उन्होंने पुनः अपना आवेदन दिया और सुबह से शाम तक पालिका कार्यालय के चक्कर काटते रहे, लेकिन फिर भी उन्हें मांगी गई प्रतिलिपि नहीं दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि नगर पालिका सादड़ी ने किसी प्रकार का गलत प्रस्ताव या निर्णय नहीं लिया है, तो फिर प्रमाणित प्रतिलिपि देने में किस बात का डर और घबराहट है?
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सबसे बड़ा मूल मंत्र है, लेकिन सादड़ी नगरपालिका प्रशासन लोकतंत्र की मूल भावना की धज्जियां उड़ा रहा है। एक नेता प्रतिपक्ष को ही अगर बैठक में लिए गए प्रस्तावों की कॉपी और सूचना नहीं दी जा रही है, तो आम जनता को न्याय कैसे मिलेगा?
मेवाड़ा ने कहा कि नगर पालिका प्रशासन का यह रवैया सीधे तौर पर लोकतंत्र और जनप्रतिनिधि के अधिकारों का हनन है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही उन्हें मांगी गई सूचना और प्रमाणित प्रतिलिपि नहीं दी गई, तो वह इस मुद्दे को जन आंदोलन के रूप में उठाएंगे और उच्च अधिकारियों तक भी शिकायत दर्ज करवाई जाएगी।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पालिका का डर और घबराहट साफ तौर पर यह संकेत देती है कि कहीं ना कहीं दाल में कुछ काला जरूर है। उन्होंने मांग की कि बोर्ड बैठक में लिए गए सभी प्रस्तावों और कार्यवाही की प्रमाणित प्रतिलिपि तुरंत सार्वजनिक की जाए, ताकि नगर के लोगों को सही जानकारी मिल सके और पारदर्शिता बनी रहे।