पीड़ित व्यक्ति द्वारा मजदूरी नहीं मिलने पर मानवाधिकार का दरवाजा खटखटाया

- टुण्डी
मजदूरों का हक़ मारने वालों को सर्वोच्च मानवाधिकार संरक्षण कड़ाई से पेश आयेगा – मोहम्मद जाहिद हुसैन।
टुण्डी प्रखंड कार्यालय में कर्मचारियों के लिए नवनिर्मित भवन का मामला तब उजागर हुआ जब काम करने के बदले दाम नहीं दिए जाने से पीडि़ता द्वारा थक हार कर आज़ मानवाधिकार संरक्षण के प्रदेश कार्यालय में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई गई।
प्राप्त समाचार के अनुसार टुण्डी प्रखंड क्षेत्र के कमारडीह गांव निवासी अब्दुल मजीद अंसारी जो पेशे से पेटी ठीकेदार है ने टुण्डी प्रखंड कार्यालय के समीप बन रहे कर्मचारियों के लिए नवनिर्मित भवन का रंग रोगन का काम का एग्रीमेंट संवेदक पप्पू खान धनबाद निवासी से चार लाख अस्सी हज़ार रुपए में किया।काम की शुरुआत में जैसा बोला गया था वैसा ही पेटी ठीकेदार द्वारा किया जाने लगा दोनों में मित्रता बढ़ी तो संवेदक द्वारा क़रीब डेढ़ लाख रुपए की लागत से पूरे भवन में डिजाइन करने का प्रस्ताव रखा गया तो पेटी ठीकेदार मजीद अंसारी द्वारा सहर्ष स्वीकार कर लिया गया जब भुगतान करने की बातें आईं तो संवेदक पप्पू खान साफ़ मुकर गया।

अब तो पेटी ठीकेदार का पैरों तले जमीन खिसक गया और इसकी शिकायत प्रखंड विकास पदाधिकारी टुण्डी समेत हर विभागों में किया जाने लगा जब कहीं से भी न्याय नहीं मिला तो थक हारकर मानवाधिकार संरक्षण प्रदेश कार्यालय रामपुर धनबाद का दरवाजा खटखटाया गया जहां हरसंभव मदद करने की बातें सर्वोच्च मानवाधिकार संरक्षण प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद जाहिद हुसैन द्वारा किया गया एवं दो टूक शब्दों में मीडिया के समक्ष कहा कि मजदूरों का हक़ मारने वालों को मानवाधिकार कभी माफ नहीं करेगा और कडा़ई से पेश आने में भी संकोच नहीं करेगा चाहे वह कितनों पहुंच वाला क्यों न हो। मौके पर सर्वोच्च मानवाधिकार संरक्षण प्रदेश सचिव मोहम्मद सफी साहब भी उपस्थित थे।














