पुस्तक संस्कृति का विकास करना पुस्तकालयाध्यक्षों की जिम्मेदारी -सीरवी

बगड़ी नगर 8जनवरी। पुस्तक संस्कृति का विकास करना पुस्तकालयाध्यक्षों की जिम्मेदारी है। इसके लिए पुस्तकालयाध्यक्षों को अपनी क्षमताओं का संवर्धन करते हुए गतिविधियां व नवाचार करने होंगे। उक्त उद्गार जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान बगड़ी नगर के उप प्राचार्य मांगीलाल सीरवी ने स्थानीय जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान बगड़ी नगर में कार्यानुभव प्रभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय पुस्तकालय साहित्य पर संवाद एवं क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण के समापन सत्र में व्यक्त किए।
सीरवी ने कहा कि भारत में पुस्तकालय संस्कृति की गौरवशाली परंपरा रही है। नालंदा, तक्षशिला,तंजौर व कांचीपुरम के भव्य पुस्तकालय इसके उदाहरण हैं। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य ब्लाक शिक्षा अधिकारी देसूरी विजयसिह माली ने कहा कि पुस्तकालय असल में विद्यालय के ह्रदय है जहां से विद्यालय के कोने कोने में जीवंत तरंगें प्रवाहित होती है। माली ने कहा कि खराब पुस्तकालय संग्रह बनाते हैं, अच्छे पुस्तकालय सेवाएं बनाते हैं,महान पुस्तकालय समुदाय बनाते हं। एक सक्रिय खुला पुस्तकालय का होना विद्यालय के लिए बेहद जरूरी है।

सरस्वती पूजन से प्रारंभ हुए इस समापन सत्र में संभागियो दयाराम ,चेतन प्रकाश,प्रभुदयाल मीणा, पप्पू सिंह राठौड़ ने अपने अनुभव कथन करते हुए प्रशिक्षण को अपने लिए लाभकारी बताते हुए विश्वास दिलाया कि वे अपने विद्यालय के पुस्तकालय को जीवंत पुस्तकालय बनाएंगे। इससे पहले पुस्तकालय साहित्य पर संवाद एवं क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण के दूसरे दिन अलग-अलग सत्रों में दक्ष प्रशिक्षक विजयसिंह माली ने पुस्तकालय प्रबंधन, पुस्तकालय आकलन और पुस्तकालय संचालन संबंधित दस्तावेजों की जानकारी दी।
प्रशिक्षण में बाल साहित्य , पुस्तकालय प्रबंधन समिति, विद्यार्थी पुस्तकालय परिषद के गठन, रीडिंग कार्नर, पुस्तकों के अस्पताल, कक्षा पुस्तकालय की जानकारी दी। प्रशिक्षण के दूसरे दिन पुस्तक वार्ता, लैंडिंग कार्ड निर्माण आदि गतिविधियां करवाई गई।इस दो दिवसीय प्रशिक्षण में पाली जिले के सभी ब्लाक व ब्यावर जिले के रायपुर व जैतारण ब्लाक के चयनित27 पुस्तकालयाध्यक्षों व पुस्तकालय प्रभारियों ने भाग लिया।
उल्लेखनीय है कि जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान बगड़ी नगर के कार्यानुभव प्रभाग द्वारा दो दिवसीय पुस्तकालय साहित्य पर संवाद एवं क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण आयोजित किया गया।













