Religious
बनास नदी के तट पर स्थित पवित्र तीर्थ: मातृकुंडिया और परशुरामजी की कथा
मातृकुंडिया एक ऐसा धार्मिक स्थल है जो बनास नदी के पावन तट पर स्थित है, और इसकी पहचान सिर्फ प्राकृतिक सौंदर्य से ही नहीं, बल्कि गहन पौराणिक मान्यताओं से भी जुड़ी हुई है।
मान्यता है कि यहीं पर भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुरामजी ने अपनी माता रेणुका की हत्या के पाप से मुक्ति पाने के लिए गंगा तुल्य बनास नदी में स्नान किया था।

इस पवित्र स्नान और तपस्या के माध्यम से परशुरामजी को आत्मशांति और ईश्वरीय क्षमा प्राप्त हुई, जिसके कारण यह स्थल “पापमोचक तीर्थ” के रूप में विख्यात हो गया।
इसी कारण से श्रद्धालु यह विश्वास करते हैं कि मातृकुंडिया में स्नान करने से सारे पाप धुल जाते हैं और आत्मा को शुद्धि मिलती है।















