बरियारपुर में प्रकृति पर्व ‘बाहा’ धूमधाम से मनाया गया, पारंपरिक नृत्य और पूजा-अर्चना के साथ सम्पन्न

- दीपक कुमार पाण्डेय पत्रकार टुंडी।
टुंडी। Tundi प्रखंड के पश्चिमी क्षेत्र स्थित Bariyarpur गांव में जिला परिषद सदस्या मीना हेंब्रम के आवास पर रविवार को आदिवासी समाज का प्रसिद्ध प्रकृति पर्व ‘बाहा’ बड़े ही हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम में आदिवासी महिला और पुरुष पारंपरिक वेशभूषा धारण कर मांदर की थाप पर नृत्य करते हुए अपने देवस्थल पहुंचे। वहां मांझी हडाम और नाईकी हडाम द्वारा पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई और पारंपरिक परंपरा के अनुसार बकरे की बलि देकर पर्व की रस्में पूरी की गईं।
प्रकृति और संस्कृति का प्रतीक है बाहा पर्व
जिला परिषद सदस्या एवं Jharkhand Mukti Morcha महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष मीना हेंब्रम ने बताया कि बाहा पर्व फागुन महीने में मनाया जाता है। इस समय पेड़ों पर नए पत्ते आते हैं और उन्हीं पत्तों से देवस्थल में प्रसाद चढ़ाया जाता है।
उन्होंने कहा कि महिलाएं नए वस्त्र धारण कर पूरे गांव में मांदर की थाप पर नृत्य करते हुए देवस्थल तक जाती हैं। बाहा पर्व केवल एक त्योहार नहीं बल्कि प्रकृति और मानव के अटूट संबंध का प्रतीक है, जिसे संरक्षित रखना हम सभी का दायित्व है।
इस अवसर पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की भी सभी महिलाओं को शुभकामनाएं दीं।

सामूहिक भोज का आयोजन
कार्यक्रम के दौरान सामूहिक भोजन का भी आयोजन किया गया, जिसमें आदिवासी समुदाय के लोगों और उपस्थित अतिथियों ने मिलकर प्रसाद ग्रहण किया।
इस मौके पर ज़िप सदस्या मीना हेंब्रम, मांझी हडाम सुभाष बास्की, नाईकी हडाम लगन बास्की, परानीक मांझी राजू मरांडी, धर्मा सोरेन, रामेश्वर बास्की, वीरालाल बास्की, चरकू मुर्मू, चान्दोलाल हेंब्रम, सहोती देवी, छुमु देवी, बड़की देवी, सावित्री देवी सहित बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
(लूनिया टाइम्स न्यूज | संवाददाता: दीपक कुमार पाण्डेय, टुंडी)













