बादल फटने से देहरादून में भारी तबाही, कई होटल-दुकानें बहीं, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

गौरव शर्मा, चंडीगढ़। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सोमवार देर रात बादल फटने (Cloudburst) से आई भीषण आपदा ने भारी तबाही मचाई है। सहस्रधारा क्षेत्र के मुख्य बाजार में मलबा भर जाने से कई होटल और दुकानें पूरी तरह ध्वस्त हो गईं। प्रशासन ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है, लेकिन भारी मलबे के कारण बचाव कार्य में बाधा आ रही है।
आधी रात मची तबाही, 100 लोग फंसे
यह घटना सोमवार रात करीब 11:30 बजे की है। कार्डीगाड़ में बादल फटने के बाद सहस्रधारा के मुख्य बाजार में भारी मात्रा में पानी और मलबा घुस आया। इसकी चपेट में आकर 2-3 बड़े होटल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और एक मार्केट की 7-8 दुकानें पूरी तरह ढह गईं। माना जा रहा है कि घटना के वक्त इलाके में करीब 100 लोग फंस गए थे, जिन्हें स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी जान पर खेलकर सुरक्षित निकाल लिया। कुछ लोगों के लापता होने की खबर है, लेकिन अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

आईटी पार्क और मसूरी में भी नुकसान, एक की मौत
देहरादून के आईटी पार्क के पास भी भारी मलबा आने से सोंग नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर तक बढ़ गया। इसके बाद पुलिस ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए अलर्ट जारी किया। वहीं, मसूरी के झड़ीपानी इलाके में भारी बारिश के कारण मजदूरों के एक आवास पर मलबा आ गया। इस हादसे में एक मजदूर की दबकर मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बचाव कार्य में दिक्कत, NDRF-SDRF मौजूद
आपदा कंट्रोल रूम ने तुरंत एसडीआरएफ (SDRF) और फायर ब्रिगेड की टीमों को मौके पर भेजा, लेकिन रास्ते में भारी मलबा जमा होने के कारण टीमों का समय पर पहुंचना मुश्किल हो रहा है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की जेसीबी मशीनों द्वारा रास्ता साफ करने का काम जारी है। फिलहाल, एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर मौजूद हैं और स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी हुई हैं। प्रशासन का कहना है कि अभी तक किसी और जनहानि की खबर नहीं है, लेकिन नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
अतिरिक्त जानकारी के आधार पर महत्वपूर्ण तथ्य:
- मौसम विभाग ने पहले ही उत्तराखंड के कई जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की थी।
- स्थानीय लोगों का आरोप है कि नदियों और नालों पर अवैध निर्माण और खनन गतिविधियों के कारण इस तरह की आपदाओं का खतरा बढ़ गया है।
- सोशल मीडिया पर घटना के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें पानी और मलबे का रेला दिखाई दे रहा है।
- प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत शिविर लगाए हैं और पीड़ितों को भोजन व अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर गहरी चिंता जताई है और त्वरित राहत एवं बचाव कार्य के निर्देश दिए हैं।











