बायोसा माताजी के दरबार में उमड़ेगी आस्था की विराट भीड़, आज से दो दिवसीय भरेगा भव्य पंचम मेला महोत्सव

- रिपोर्ट – पुखराज कुमावत सुमेरपुर
कलश यात्रा, हवन-यज्ञ,भजन संध्या और रंगारंग प्रस्तुतियों से दो दिन तक गूंजेगा जोजला गांव
सुमेरपुर/ शिवगंज। निकटवर्ती नया जोजला स्थित श्री बायोसा माताजी (गोगावा) मंदिर एक बार फिर आस्था के महासागर का साक्षी बनने जा रहा है। आज से यहां दो दिवसीय पंचम वार्षिक मेला महोत्सव का भव्य आयोजन होगा, जिसे लेकर पूरे क्षेत्र में जबरदस्त उत्साह और तैयारियों का माहौल है। भक्तराज दरगराम कुमावत के सानिध्य में आयोजित इस दो दिवसीय धार्मिक आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है।
महोत्सव का आगाज आज गुरुवार से पूजा-अर्चना और वैदिक अनुष्ठानों के साथ होगा। जैसे-जैसे दिन ढलेगा, वैसे-वैसे मंदिर परिसर भक्ति के रंग में रंगता जाएगा। रात्रि में आयोजित भव्य भजन संध्या इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रहेगी, जिसमें प्रसिद्ध भजन गायक जीवासराम देवासी और पूजा जोगासन अपनी सुरमयी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भक्ति में सराबोर कर देंगे।
कलश यात्रा से गूंजेगा क्षेत्र,हर गली में दिखेगा श्रद्धा का सैलाब
कल शुक्रवार सुबह 7 बजे भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें सैकड़ों महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर शामिल होंगी। यह दृश्य पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देगा और हर गली-चौराहे पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा। हवन-यज्ञ और महाप्रसादी से मिलेगा पुण्य लाभ।
सुबह 11 बजे मंदिर परिसर में हवन-यज्ञ और पूर्णाहुति का आयोजन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेकर पुण्य अर्जित करेंगे। इसके बाद महाप्रसादी का वितरण किया जाएगा।

भक्ति के साथ संस्कृति का भी संगम
महोत्सव में दिन के समय ललित संत कार्यक्रम और रात्रि में भजन गायक भरत माली की प्रस्तुतियां माहौल को और भी भक्तिमय बनाएंगी। साथ ही झांकी कलाकार तरुण मारवाड़ी, डांसर झेलो मारवाड़ी और सिंगर भावना आचार्य की रंगारंग प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेंगी।
व्यवस्थाओं की थे जिम्मेदारी
आयोजन को लेकर समिति द्वारा व्यापक तैयारियां की गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, रोशनी, सुरक्षा और यातायात की विशेष व्यवस्थाएं की जा चुकी हैं, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। मेले को ऐतिहासिक बनाने के लिए ग्रामीणों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
आस्था और उत्सव का अनोखा संगम
बायोसा माताजी का यह मेला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को भी सशक्त करता है। हर वर्ष की तरह इस बार भी यह आयोजन क्षेत्र में भक्ति, उल्लास और एकता का संदेश देगा।













