भायंदर पूर्व में महाशिवरात्रि पर भव्य रुद्राभिषेक, श्रद्धा और उल्लास का संगम

भायंदर पूर्व: न्यू गोल्डन नेस्ट स्थित रुद्रवीर्य मंदिर में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर पूजा-अर्चना और रुद्राभिषेक का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम मंदिर के संस्थापक पूर्व सांसद मीठालाल गीता भरत जैन द्वारा, न्यू गोल्डन नेस्ट चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित किया गया।
15 फरवरी 2026, रविवार की रात्रि 1:00 बजे शुभ मुहूर्त में गीता भरत जैन के करकमलों से विधि-विधानपूर्वक रुद्राभिषेक संपन्न हुआ। इस अवसर पर बिल्वपत्र, दूध, जल, पंचामृत, भस्म, धतूरा और पुष्पमालाओं से भगवान शिव का अभिषेक किया गया। भक्ति और मंत्रोच्चार से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा।
प्रातः 5:30 बजे महाआरती का आयोजन किया गया, जबकि सायं 7:30 बजे पुनः आरती के साथ महाप्रसाद और ठंडाई वितरण हुआ। इसके पश्चात महिला मंडल द्वारा भजन-कीर्तन का कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

सुबह 6:00 बजे से संपूर्ण रुद्राभिषेक और महामृत्युंजय जाप का आयोजन हुआ। श्रद्धालु लंबी कतारों में “हर-हर महादेव” के जयघोष के साथ दर्शन के लिए खड़े रहे। भक्तों ने भगवान शिव की दिव्य प्रतिमा के दर्शन कर आध्यात्मिक अनुभूति का अनुभव किया। शिव की जटाओं से प्रवाहित गंगा की प्रतीकात्मक झांकी ने वातावरण को और भी भक्तिमय बना दिया।
मंदिर के पुजारी पंडित भोलानाथ तिवारी (शास्त्री) ने बताया कि महाशिवरात्रि भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य मिलन तथा शिव के निराकार से साकार रूप में प्रकट होने का प्रतीक है। यह रात्रि आत्मचिंतन, ध्यान और आध्यात्मिक जागरण का अवसर प्रदान करती है। शिव तत्व—सत्य, शिव और सुंदरम्—से जुड़ने का यह पर्व भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में विशेष महत्व रखता है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। मंदिर परिसर में दिनभर भक्तों की भीड़ रही और पूरा वातावरण शिवमय बना रहा।
















