भीलवाड़ा निजी बस ऑपरेटरों ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन, 23 फरवरी से चक्का जाम की चेतावनी

भीलवाड़ा निजी बस ऑपरेटरों का विरोध तेज
मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित, 23 फरवरी 2026 से चक्का जाम की चेतावनी
भीलवाड़ा जिले के निजी एवं पर्यटक बस संचालकों ने परिवहन विभाग द्वारा लागू किए गए नए बस बॉडी कोड नियम (052, 119, 152 एवं 153) के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया है। जिला निजी बस एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर नियमों में संशोधन की मांग की है।

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बस बॉडी कोड को लेकर आपत्ति
एसोसिएशन का आरोप है कि परिवहन विभाग की कार्रवाई से निजी और पर्यटक बस संचालकों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। स्टेज कैरिज बसों की छत पर लगे कैरियर हटाने की कार्रवाई से ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को भारी असुविधा होगी, क्योंकि सामान परिवहन के लिए अतिरिक्त किराया देना पड़ता है।
सीज कार्रवाई पर नाराजगी
बस संचालकों का कहना है कि यदि वाहन के पास आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध हैं तो मोटर वाहन नियम 130 एवं 140 के तहत वाहन को सीज नहीं किया जा सकता। बकाया राशि होने की स्थिति में 15 दिन का समय दिया जाना चाहिए। इसके बावजूद बसों को सीज कर कार्रवाई की जा रही है।
आरएसआरटीसी में दोहरे पद पर आपत्ति
ज्ञापन में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि (आरएसआरटीसी) में परिवहन आयुक्त और महाप्रबंधक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर एक ही अधिकारी की नियुक्ति उचित नहीं है। एसोसिएशन ने दोनों पदों पर अलग-अलग अधिकारियों की नियुक्ति की मांग की है।
अन्य प्रमुख मांगें
- प्रदेश के सभी डीटीओ कार्यालयों में फिटनेस प्रक्रिया को सरल एवं सुचारू किया जाए।
- बस बॉडी कोड 152, 153 एवं 119 को 31 मार्च 2026 तक स्थगित रखा जाए।
- नियमों को 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी किया जाए।
23 फरवरी से चक्का जाम की चेतावनी
ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि यदि 22 फरवरी 2026 तक मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो 23 फरवरी 2026 से राजस्थान के समस्त बस ऑपरेटर चक्का जाम और हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।











