भीलवाड़ा में शीतला अष्टमी पर राधा पुआ बनाकर माता को लगाया भोग

भीलवाड़ा।
गुरला क्षेत्र के आजाद नगर में शीतला अष्टमी (बसोड़ा) के अवसर पर सेन परिवार द्वारा पारंपरिक श्रद्धा के साथ माता शीतला की पूजा-अर्चना की गई।
सत्यनारायण सेन गुरला ने बताया कि इस पर्व पर घरों में विशेष रूप से राधा पुआ (एक प्रकार का मीठा पुआ), हलवा, पूरी, रबड़ी, दही, पापड़ और पकोड़े जैसे व्यंजन बनाए जाते हैं। परंपरा के अनुसार यह सभी पकवान अष्टमी से एक दिन पहले सप्तमी को ही तैयार कर लिए जाते हैं।
अष्टमी के दिन माता शीतला को इन व्यंजनों का भोग लगाया जाता है। इस दिन घर में चूल्हा नहीं जलाया जाता और ताजा भोजन नहीं बनाया जाता। परिवार के सदस्य ठंडा और एक दिन पहले बना हुआ भोजन ही प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं।
धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से माता शीतला प्रसन्न होती हैं और चेचक, खसरा तथा अन्य संक्रामक रोगों से रक्षा करती हैं। इसी कारण यह पर्व विशेष आस्था और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में शीतला अष्टमी को “बसोड़ा” के नाम से भी जाना जाता है, जहां लोग माता शीतला के मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना करते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि तथा स्वास्थ्य की कामना करते हैं।













