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मकर संक्रान्ति के पावन अवसर पर बाबा दु:खहरण नाथ व बाबा नन्दानाथ महादेव दरबार में उमड़ी आस्था की लहर

DEEPAK KUMAR PANDEY
Correspondent Dhanbad

DEEPAK KUMAR PANDEY Correspondent - Dhanbad (Jharkhand)

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धार्मिक समाचार

मकर संक्रान्ति पर बाबा दु:खहरण नाथ एवं बाबा नन्दानाथ महादेव दरबार में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

टुंडी / धनबाद
रिपोर्ट: दीपक कुमार पाण्डेय

धनबाद एवं गिरिडीह जिले के सीमांकन पर स्थित टुण्डी मुख्यालय से मात्र 10 किलोमीटर की दूरी पर बराकर नदी के तट पर अवस्थित मनियाडीह थाना क्षेत्र के जाताखुंटी पंचायत अंतर्गत चरकखुर्द गांव के उत्तर दिशा में स्थित बाबा दु:खहरण नाथ तथा टुण्डी मुख्यालय से लगभग 06 किलोमीटर दूर पुरनाडीह पंचायत अंतर्गत चरकमोड़ क्षेत्र में स्थित बाबा नन्दानाथ महादेव के दरबार में मकर संक्रान्ति के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी बच्चे, युवा एवं बुजुर्ग श्रद्धालु बाबा महादेव के चरणों में जल एवं दूध अर्पित करते हुए भक्ति में लीन नजर आए। अहले सुबह से ही दोनों दरबारों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं।

विदित हो कि बाबा नन्दानाथ महादेव के दरबार में मकर संक्रान्ति के अवसर पर लगने वाला प्रसिद्ध खिचड़ी मेला क्षेत्र में विशेष पहचान रखता है। इस मेले में प्रातःकाल से ही श्रद्धालुओं एवं दर्शनार्थियों का जनसैलाब उमड़ पड़ता है, जहां लोग पूजा-अर्चना के साथ मेले का भी आनंद उठाते हैं।

इस संबंध में चरकखुर्द गांव निवासी एवं पूर्व कांग्रेस सेवादल प्रखंड अध्यक्ष चन्द्रशेखर सिंह ने बताया कि उनके पिता स्वर्गीय श्रीनाथ प्रसाद सिंह एवं उनके पूर्वज टुण्डी राजबाड़ी के वंशज राजा दिलवरण सिंह के समय से ही बराकर नदी के तट पर बाबा भोलेनाथ का शिवलिंग स्थापित है। उन्होंने बताया कि जब भी शिवमंदिर निर्माण का प्रयास किया गया, तो दैवीय कारणों से वह संभव नहीं हो सका।

मान्यता है कि मंदिर निर्माण की चर्चा होने पर भगवान शिव स्वप्न में प्रकट होकर मंदिर निर्माण न करने का संकेत देते थे। इसी कारण शिवलिंग आज भी खुले आकाश के नीचे स्थित है और श्रद्धालुओं द्वारा बाबा का नाम दु:खहरण अथवा दुखिया बाबा रखा गया।

यही मान्यता बाबा नन्दानाथ महादेव से भी जुड़ी हुई है। कहा जाता है कि जब भी मंदिर निर्माण की बात होती थी, तो टुण्डी के राजा को स्वप्न में स्थल को खुला रखने का संदेश मिलता था। इसी कारण इस स्थान को नन्दानाथ के नाम से जाना जाता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां स्नान कर शिवलिंग की पूजा-अर्चना करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।

बाबा दु:खहरण नाथ के पुजारी वीरभंजन पाण्डेय, राजेश कुमार पाण्डेय, आदित्य कुमार पाण्डेय, बम शंकर पण्डा, सुनील पण्डा एवं प्रशांत पण्डा तथा बाबा नन्दानाथ महादेव के पुजारी निशाकर पण्डा, निवारण पण्डा एवं सुधाकर पण्डा ने बताया कि जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से जल एवं दूध अर्पित कर मनोकामना करता है, बाबा उसे कभी निराश नहीं करते।

खिचड़ी मेला क्षेत्र का अत्यंत प्रसिद्ध मेला है, जिसमें दूर-दराज से श्रद्धालु एवं भक्तगण प्रतिवर्ष उपस्थित होकर बाबा के दर्शन करते हैं तथा मेले का आनंद उठाते हैं।

मेला के दौरान सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए टुण्डी थाना पुलिस द्वारा वर्दीधारी एवं सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। साथ ही मनियाडीह थाना सीमा से सटे क्षेत्रों में लगातार पेट्रोलिंग की जाती रही।

© स्थानीय संवाददाता

 

न्यूज़ डेस्क

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