महाराष्ट्र महानगरपालिका चुनाव 2026 के बाद मेयर पद को लेकर सियासी घमासान
रिपोर्ट - कमलेश मुंबई

मीरा-भायंदर में महापौर पद के लिए खुली लॉटरी, MMR में BJP-शिंदे सेना के बीच शह-मात
मुंबई/ठाणे। महाराष्ट्र में महानगरपालिका चुनाव 2026 के नतीजों के बाद अब राज्य की राजनीति का केंद्र मेयर (महापौर) पद बन गया है। मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने के लिए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच जबरदस्त रस्साकशी देखने को मिल रही है।
इसी कड़ी में ठाणे जिले की मीरा-भायंदर महानगरपालिका में महापौर पद के लिए लॉटरी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस बार महापौर पद की कैटेगरी ‘सर्व साधारण महिला’ तय की गई है, जिसके चलते सभी दलों में रणनीतिक हलचल तेज हो गई है।
BMC में मेयर को लेकर निर्णायक दौर
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव परिणामों में भाजपा महायुति गठबंधन सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन शिंदे गुट की शिवसेना के पास निर्णायक संख्या में पार्षद होने के कारण मेयर पद को लेकर स्थिति अब भी स्पष्ट नहीं हो पाई है।
सूत्रों के अनुसार, भाजपा जहां अपने संख्याबल के आधार पर मेयर पद की दावेदारी कर रही है, वहीं शिंदे सेना किसी भी सूरत में यह पद छोड़ने के मूड में नहीं दिख रही।
मुंबई नहीं तो KDMC-UMC पर नजर
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यदि मुंबई में मेयर पद को लेकर शिंदे गुट की बात नहीं बनती, तो एकनाथ शिंदे कल्याण-डोंबिवली (KDMC) और उल्हासनगर (UMC) महानगरपालिकाओं में मेयर बनाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
KDMC में कुल 122 पार्षदों में से शिंदे गुट के 53 और भाजपा के 50 पार्षद निर्वाचित हुए हैं, ऐसे में यहां सत्ता संतुलन बेहद नाजुक बना हुआ है।
MMR में भाजपा का दबदबा, पर सत्ता की चाबी शिंदे सेना के पास
ठाणे और कल्याण-डोंबिवली को छोड़ दें तो MMR की अधिकांश महानगरपालिकाओं में भाजपा का प्रदर्शन शिंदे गुट से बेहतर रहा है। इसके बावजूद गठबंधन राजनीति के चलते शिंदे शिवसेना सत्ता गठन में ‘किंगमेकर’ की भूमिका में नजर आ रही है।
महानगरपालिका चुनावों के बाद महाराष्ट्र की शहरी राजनीति नए मोड़ पर खड़ी है। एक ओर मीरा-भायंदर में महिला महापौर पद के लिए लॉटरी ने स्थानीय राजनीति को गर्मा दिया है, वहीं दूसरी ओर मुंबई समेत पूरे MMR में मेयर की कुर्सी को लेकर भाजपा और शिंदे सेना के बीच शह-मात का खेल जारी है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि किस शहर में किस दल का महापौर बनेगा और गठबंधन की राजनीति किस दिशा में जाती है।
— लूनिया टाइम्स












