राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी पहल: चिकित्सा मंत्री के निर्देश पर 13 से 15 अगस्त तक राज्यभर में चलेगा विशेष निरीक्षण अभियान

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📍 मौसमी बीमारियों की रोकथाम, मानव संसाधन की जांच, दवाओं की उपलब्धता, और अस्पताल भवनों की स्थिति का होगा गहन मूल्यांकन
📅 प्रकाशित तिथि: 13 अगस्त 2025
✍️ By Health News Desk, Rajasthan
🔷 राज्यभर में हेल्थ अलर्ट: चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर की अगुवाई में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सख्त नजर
राजस्थान सरकार ने मानसून सीजन में मौसमी बीमारियों की संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए राज्यभर में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण करने का निर्णय लिया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने 13 से 15 अगस्त 2025 तक सभी जिलों में राज्य स्तरीय प्रभारी अधिकारियों की तैनाती का निर्देश दिया है, जो चिकित्सा संस्थानों की व्यवस्थाओं का भौतिक निरीक्षण कर राज्य सरकार को रिपोर्ट सौंपेंगे।
✅ निरीक्षण के मुख्य बिंदु:
🔹 मौसमी बीमारियों की स्थिति एवं नियंत्रण उपाय
🔹 अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता
🔹 चिकित्सा स्टाफ की संख्या और उपस्थिति
🔹 उपकरणों की क्रियाशीलता
🔹 अस्पताल भवनों की स्थिति और मरम्मत की आवश्यकता
🔹 रोगियों और परिजनों से सीधा फीडबैक
🔹 अनावश्यक रैफरल पर रोक
🦟 मच्छरजनित रोगों की रोकथाम पर विशेष ध्यान
मंत्री श्री खींवसर ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि जहां भी डेंगू, मलेरिया या अन्य मच्छरजनित रोगों के मामले सामने आ रहे हैं, वहां विशेष सतर्कता बरती जाए। फॉगिंग, एंटी लार्वल ट्रीटमेंट और घर-घर सर्वे जैसी गतिविधियों को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
📌 31 अगस्त तक सभी स्वास्थ्यकर्मियों की जियो-मैपिंग अनिवार्य
सरकार ने मानव संसाधन की पारदर्शिता और उपस्थिति की सटीक निगरानी के लिए सभी चिकित्सा कर्मियों की जियो-मैपिंग 31 अगस्त 2025 तक पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इससे यह भी स्पष्ट होगा कि कौन से ट्रोमा सेंटर और एफआरयू स्टाफ की कमी से प्रभावित हैं।
❌ एक पद, दो कर्मचारी नहीं – एपीओ की कार्रवाई तय
स्वास्थ्य मंत्री ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि यदि किसी भी चिकित्सा संस्थान में एक ही पद पर दो कर्मचारी कार्यरत पाए गए, तो तुरंत एपीओ (Awaiting Posting Orders) किया जाए। इस व्यवस्था से चिकित्सा संस्थानों में संतुलित स्टाफिंग सुनिश्चित की जाएगी।
🏚️ जर्जर अस्पताल भवन होंगे चिन्हित और दुरुस्त
राज्य सरकार ने सभी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि जर्जर भवनों की तुरंत पहचान कर उन्हें सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा जर्जर घोषित कराया जाए, और आवश्यक मरम्मत कार्य तत्काल करवाया जाए।
🧒🏻 आयुष्मान आरोग्य मंदिर, बच्चों की स्क्रीनिंग और सीएचओ की कार्यप्रणाली पर फोकस
प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने सभी जिलों को आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्यरत सीएचओ (Community Health Officers) की कार्यप्रणाली की साप्ताहिक समीक्षा करने के निर्देश दिए। साथ ही, शिशु स्वास्थ्य, गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की देखभाल को प्राथमिकता देने को कहा गया है।
🚐 मोबाइल हेल्थ यूनिट्स की GPS निगरानी होगी जरूरी
NHM मिशन निदेशक डॉ. अमित यादव ने सभी जिलों को निर्देश दिया कि 15 दिनों में मोबाइल हेल्थ टीमों की गाड़ियों में GPS सिस्टम को एक्टिवेट किया जाए, ताकि हर गतिविधि की निगरानी संभव हो सके।
💉 टीकाकरण सेवाओं में डिजिटल ट्रैकिंग जरूरी: यू-विन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
डॉ. रवि प्रकाश शर्मा (निदेशक जनस्वास्थ्य) ने निर्देश दिया कि सभी गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं का यू-विन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। इससे टीकाकरण की निगरानी और योजना दोनों को मजबूती मिलेगी।
🔍 निगरानी और जवाबदेही: अब लापरवाही पर नहीं चलेगा
राज्य सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस निरीक्षण अभियान का मुख्य उद्देश्य सिर्फ आंकड़े जुटाना नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत के अनुसार तुरंत कार्रवाई करना है। जहां भी लापरवाही या लचर व्यवस्था सामने आएगी, वहां सख्त कार्रवाई तय है।
📊 आंकड़ों की सटीकता और पारदर्शिता: राज हेल्थ पोर्टल पर डेटा अपडेट अनिवार्य
सभी जिलों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे अपनी निरीक्षण रिपोर्ट और मानव संसाधन संबंधी जानकारी को राज हेल्थ पोर्टल पर तत्काल अपडेट करें, जिससे राज्य स्तर पर डेटा आधारित निर्णय लिए जा सकें।
राजस्थान सरकार का यह व्यापक निरीक्षण अभियान न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने का एक ठोस कदम है, बल्कि यह दिखाता है कि राज्य सरकार सक्रिय निगरानी, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अभियान से न केवल शहरी क्षेत्रों, बल्कि ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में भी स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी।













