राष्ट्रीय गौ रक्षक संघ द्वारा रामपाल कुमावत को भीलवाड़ा जिलाध्यक्ष नियुक्त — बनेड़ा में गौभक्तों ने किया भव्य स्वागत
सोमनाथ गौशाला संचालक रामपाल कुमावत को राष्ट्रीय गौ रक्षक संघ के जिलाध्यक्ष बनने पर बनेड़ा में गौरक्षकों ने किया स्वागत

बनेड़ा: राष्ट्रीय गौ रक्षक संघ द्वारा अपनी कार्यकारिणी के विस्तार की कड़ी में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सौमनाथ गौशाला सरदार नगर के संचालक गौभक्त रामपाल कुमावत को भीलवाड़ा जिले का जिलाध्यक्ष मनोनीत किया गया है। यह नियुक्ति राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी पदमनाथ जी महाराज के निर्देशानुसार और प्रदेश उपाध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ प्रियंका चौरसिया की अनुशंसा पर की गई।
गौरक्षा के प्रति समर्पित सेवाभाव को मिला सम्मान
रामपाल कुमावत वर्षों से गौसेवा, गौसंवर्धन और गौसंरक्षण के कार्यों में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। उनकी कर्मठता, संगठनात्मक क्षमता और समाज में गौ रक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के प्रयासों को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है।
उनकी नियुक्ति की घोषणा के बाद बनेड़ा में उनके निजी कार्यालय पर भव्य स्वागत समारोह का आयोजन किया गया, जहां समाज के वरिष्ठजन, भाजपा पदाधिकारीगण और अनेक गौभक्तों ने शामिल होकर उन्हें बधाइयां दीं।
गौभक्तों द्वारा किया गया आत्मीय स्वागत
समारोह में पूर्व भाजपा जिला उपाध्यक्ष लक्ष्मीलाल सोनी, भाजपा पूर्व मंडल महामंत्री व कुमावत समाज के प्रदेश महामंत्री शंकर कुमावत, गौभक्त मोनू कुमावत, दुर्गेश बैरवा, कैलाश जाट, कैलाश कुमावत, राम नारायण कुमावत, किशन कुमावत समेत बड़ी संख्या में गौसेवक उपस्थित रहे।
सभी ने गौभक्त रामपाल कुमावत का माल्यार्पण कर, मुंह मीठा कर और मंगलकामनाओं के साथ स्वागत किया।
कार्यक्रम के दौरान गौ माता की महिमा, हिंदू संस्कृति में गौ सेवा का महत्व, और गौवंश संरक्षण की वर्तमान चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
समर्पण भाव और संगठनात्मक संकल्प
रामपाल कुमावत ने सभी उपस्थितजनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा:
“गौमाता केवल एक पशु नहीं, वह हमारी संस्कृति, धर्म और जीवन का आधार हैं। मैं अपने जिले में हर घर तक गौरक्षा का संदेश पहुंचाऊंगा और संघ को मजबूत बनाऊंगा।”
राष्ट्रीय गौ रक्षक संघ का उद्देश्य
राष्ट्रीय गौ रक्षक संघ देशभर में गौसंवर्धन, अवैध पशु वध के खिलाफ आवाज, और गौशालाओं के सुदृढ़ संचालन हेतु प्रतिबद्ध है। संघ की कार्यकारिणी का यह विस्तार ग्राम से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक गौरक्षा को और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।















